नारनौल में वेतन नहीं मिलने पर सफाई कर्मियों ने की हड़ताल

 


डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण ठप, कई वार्डों में नहीं उठा कचरा, कर्मचारियों ने कंपनी पर लगाए आरोप

नारनाैल, 11 जून (हि.स.)। नारनौल शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण कार्य से जुड़े वाहन चालकों और कर्मचारियों ने गुरूवार को वेतन नहीं मिलने के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसके चलते उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। हड़ताल के कारण शहर के कई क्षेत्रों में घरों से कूड़ा नहीं उठ पाया, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि करीब तीन महीने पहले क्लासिक मैन पावर कंपनी ने नारनौल शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का ठेका संभाला था। कंपनी के कार्य का शुभारंभ स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव और नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी द्वारा किया गया था। नई व्यवस्था से लोगों को शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने से स्थिति बिगड़ती जा रही है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार कंपनी प्रबंधन से वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। वेतन लंबित रहने के कारण कई कर्मचारियों को दैनिक जरूरतें पूरी करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा पेट्रोल पंप संचालकों का भुगतान नहीं किए जाने के कारण कई पेट्रोल पंपों ने वाहनों को ईंधन देना बंद कर दिया है। इससे भी कार्य प्रभावित हुआ है।

जानकारी के अनुसार शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए करीब 31 टेंपो, पांच ट्रैक्टर, दो लोडर तथा लगभग 50 चालक एवं अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं। हड़ताल के चलते अधिकांश वाहन सड़कों पर नहीं उतरे, जिससे कूड़ा संग्रहण कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। हड़ताल के चलते शहर के विभिन्न वार्डों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। नागरिकों ने जल्द समाधान निकालकर सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला