नारनौल स्टेशन के नए एंड पाथवे की गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच की मांग

 


कंकड़ और निर्माण सामग्री निकलने पर यात्री संघ ने उठाए सवाल

नारनाैल, 31 अगस्त (हि.स.)। नारनौल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए हाल ही में बनाया गया एंड पाथवे निर्माण के कुछ ही दिनों बाद खराब होने लगा है। पाथवे की सतह से कंकड़ और निर्माण सामग्री उखड़ने लगी है। कई स्थानों पर सतह असमतल होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दैनिक रेल यात्री एवं जन कल्याण संघ ने मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

संघ अध्यक्ष गणेश शर्मा ने सोमवार को बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए 21 मई 2026 को रेलवे अधिकारियों को रींगस की ओर एंड पाथवे बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। रेलवे ने 19 जून को पत्र जारी कर इसके निर्माण का आश्वासन दिया था। इसके बाद 18 अगस्त को पाथवे का निर्माण पूरा हुआ। अगले ही दिन 19 अगस्त को उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने नारनौल स्टेशन का दौरा किया। गणेश शर्मा ने कहा कि निर्माण पूरा होने के महज 10-11 दिन बाद ही पाथवे की सतह से सामग्री उखड़ने लगी। इससे निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और तय तकनीकी मानकों के पालन को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने रेलवे से जांच कराने की मांग की।

संघ के सचिव एडवोकेट महावीर जैन ने कहा कि सार्वजनिक धन से तैयार यात्री सुविधाओं में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण सामग्री, गुणवत्ता परीक्षण, तकनीकी मानकों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की। संघ ने पाथवे की उपयोगिता पर भी सवाल उठाते हुए रेवाड़ी स्टेशन के एंड पाथवे का उदाहरण दिया। साथ ही स्वीकृत डिजाइन और नक्शे की जांच की मांग की। संघ ने जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय कर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला