नारनाैल : हरियाणा में विकास को नई दिशा, सरकार ने जनता से मांगे सुझाव
सातवां राज्य वित्त आयोग करेगा सीधे संवाद, पंचायती राज व शहरी निकायों को सशक्त बनाने पर जोर
नारनाैल, 21 मार्च (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास को नई और आधुनिक दिशा देने के लिए एक दूरदर्शी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत सरकार ने आम जनता से सीधे सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया है, ताकि विकास योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुरूप तैयार की जा सकें।
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने शनिवार को बताया कि सरकार द्वारा गठित सातवां राज्य वित्त आयोग अब जनता के बीच पहुंचकर उनके सुझाव ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन को अधिक सहभागी, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपायुक्त ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की गहन समीक्षा करना है। इसके साथ ही इन संस्थाओं को इतना सशक्त बनाना है कि वे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें और संसाधनों की कमी आड़े न आए। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि कई विकास योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं, लेकिन सरकार का उद्देश्य है कि योजनाओं को वास्तविक धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके लिए जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि इस पहल के तहत अब जिले का कोई भी आम नागरिक अपने अनुभव और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकता है। इसके अलावा निर्वाचित प्रतिनिधि जैसे सरपंच, पंच, पार्षद, विषय विशेषज्ञ और समाजसेवी भी अपने सुझाव साझा कर सकते हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े सुझाव सरकार को भेजें, ताकि योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस पहल से न केवल स्थानीय निकायों को मजबूती मिलेगी, बल्कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला