महेंद्रगढ़ में शुरू होगा क्यूआर कोड आधारित एड्रेस सिस्टम, हर घर को मिलेगा यूनिक नंबर

 

नगरपालिका की पहल से सुधरेगी लोकेशन पहचान, आपातकालीन सेवाओं और डाक वितरण में मिलेगी बड़ी राहत

नारनाैल, 21 मार्च (हि.स.)। महेंद्रगढ़ शहर में आधुनिक और सुव्यवस्थित एड्रेसिंग सिस्टम विकसित करने की दिशा में एक अहम पहल शुरू की जा रही है। नगरपालिका द्वारा शहर के सभी वार्डों, मोहल्लों, कॉलोनियों और गलियों में गली नंबर, मकान नंबर और क्यूआर कोड आधारित डिजिटल एड्रेस सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

नगरपालिका प्रधान रमेश सैनी ने शनिवार को बताया कि वर्तमान में शहर के कई क्षेत्रों में स्पष्ट गली और मकान नंबर नहीं होने के कारण आम नागरिकों के साथ-साथ डाक वितरण, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार सही पते तक पहुंचने में देरी हो जाती है, जिससे गंभीर परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगीए बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी और पारदर्शिता आएगी। इस योजना के तहत शहर के सभी वार्डों में डोर-टू-डोर सर्वे कराया जाएगा, जिसमें प्रत्येक घर और संस्थान का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सर्वे के बाद सभी गलियों को मानकीकृत गली नंबर दिए जाएंगे और प्रत्येक मकान व दुकान को व्यवस्थित रूप से हाउस नंबर आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रमुख स्थानों और गलियों के प्रवेश द्वार पर स्पष्ट और टिकाऊ सांकेतिक बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी व्यक्ति को स्थान की पहचान करने में आसानी हो।

योजना की खास बात यह है कि प्रत्येक मकान और प्रतिष्ठान को क्यूआर कोड आधारित यूनिक आईडी दी जाएगी। इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर संबंधित पते और लोकेशन की पूरी जानकारी तुरंत प्राप्त हो सकेगी। इसके साथ-साथ पूरे शहर की जीआईएस आधारित डिजिटल मैपिंग भी की जाएगी, जिससे एक एकीकृत और स्मार्ट एड्रेस सिस्टम तैयार होगा। यह पहल महेंद्रगढ़ को स्मार्ट और आधुनिक शहर की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला