नारनाैल में जाट सभा ने मृत्यु भोज समेत तीन रस्मों पर लगाई रोक
बैठक में समाज सुधार को लेकर फैसला, शुभ अवसरों पर बर्तन लेन-देन भी प्रतिबंधित
नारनाैल, 20 सितंबर (हि.स.)। नांगल चौधरी की जाट सभा ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बड़ा फैसला लेते हुए मृत्यु भोज समेत तीन सामाजिक रस्मों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। जाट सभा प्रधान कुलदीप जेलदार की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित बैठक में समाज सुधार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया।
बैठक की शुरुआत दिवंगत पूर्व सरपंच एवं समाजसेवी चौधरी मालाराम सहित समाज के अन्य दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि देकर की गई। इसके बाद बार एसोसिएशन नारनौल के नवनियुक्त प्रधान एडवोकेट विजय पाल का पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज में अब मृत्यु भोज पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद स्वामणी या किसी अन्य माध्यम से भी मृत्यु भोज आयोजित करने को सामाजिक मान्यता नहीं दी जाएगी। सभा ने लोगों से सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च से बचने और कुरीतियों को समाप्त करने में सहयोग करने की अपील की।
इसके अलावा विवाह तथा अन्य शुभ अवसरों पर गांव की लड़कियों की ओर से बांटे जाने वाले बर्तनों के लेन-देन की परंपरा पर भी रोक लगाने का फैसला किया गया। बैठक में कहा गया कि इस तरह की परंपराओं से परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है।
इसी तरह किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद रिश्तेदारों को टीके के रूप में राशि देने की परंपरा को भी प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया। सभा पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक रस्मों को सरल बनाने और फिजूलखर्ची रोकने के लिए समाज स्तर पर ऐसे फैसले जरूरी हैं। बैठक में पूर्व चेयरमैन सतपाल दहिया, रामनिवास सरपंच, वीरेंद्र, हजारीलाल लंबौरा, सतवीर बडेसरा, सूबेदार जगराम सहित समाज के अनेक लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला