नारनौल में अवैध खनन घोटाले का आरोपी अधिकारी पंचकूला से गिरफ्तार
नारनाैल, 19 मार्च (हि.स.)। जिले में अवैध खनन से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन इंजीनियर संजय सिम्बरवाल को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को आरोपी को नारनौल लाया गया, आरोप है कि वर्ष 2020 के दौरान नियमों को ताक पर रख सरकार को राजस्व के रूप में भारी नुकसान पहुंचाया गया।
मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस रेवाड़ी और नारनौल की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि विभागीय अधिकारियों ने वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर अवैध खनन के मामलों में फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। मामला वर्ष 2020 का बताया जा रहा है, जब खनन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाई। जांच में यह भी सामने आया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों की अनदेखी करते हुए भारी जुर्माने को कम कर दिया जाता था।
कई मामलों में करीब चार लाख रुपये तक के जुर्माने को घटाकर दो लाख रुपये या उससे भी कम कर वाहनों को छोड़ दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया से सरकार को करीब 21 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इस घोटाले में तत्कालीन खनन अधिकारी, सहायक खनन अभियंता, लिपिक समेत कुल 17 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि मामले में अब तक 17 में से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। संजय सिम्बरवाल की गिरफ्तारी के साथ यह संख्या बढ़कर 15 हो गई है। उन्होंने बताया कि दो अन्य आरोपी एमओ राजेंद्र और क्लर्क चंद्रशेखर अभी फरार हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला