महेंद्रगढ़ में दमकलकर्मी भूख हड़ताल पर बैठे
शहीद का दर्जा, एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
नारनाैल, 27 अप्रैल (हि.स.)। महेंद्रगढ़ में आंदोलन के चलते दो दमकलकर्मी और पांच सफाई कर्मचारी दो दिन की भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगों को लेकर ठोस निर्णय लेने की अपील की है और चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांग फरीदाबाद में 16 फरवरी को आग बुझाते समय जान गंवाने वाले दमकल कर्मियों भवीचंद शर्मा और रणवीर सिंह को शहीद का दर्जा देने की है। इसके साथ ही दोनों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, आश्रितों को सरकारी नौकरी और पांच हजार रुपये जोखिम भत्ता लागू करने की मांग भी की जा रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा 30-30 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है, लेकिन यूनियन ने इसे अपर्याप्त और भेदभावपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका आरोप है कि समान परिस्थितियों में अन्य विभागों के कर्मचारियों को अधिक सम्मान और आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि फायर कर्मियों के साथ न्याय नहीं हो रहा।
महेंद्रगढ़ फायर ब्रिगेड के प्रधान राम सिंह ने बताया कि यह हड़ताल नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की शाखा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर आठ अप्रैल से राज्य स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित घटना में एक पुलिस कर्मचारी को शहीद का दर्जा देने के साथ एक करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई, जबकि दमकल कर्मियों को न तो शहीद का दर्जा मिला और न ही अपेक्षित आर्थिक मदद। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार से समानता के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मी भी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सुरक्षा करते हैं, इसलिए उन्हें भी वही सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला