नारनौल में पेयजल संकट, पानी में टीडीएस 3000 से अधिक होने का दावा
नारनौल, 04 नवंबर (हि.स.)। जिले के गांव बिगोपुर में पेयजल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वाटर सप्लाई के पानी में टीडीएस (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) की मात्रा 3000 से अधिक होने का दावा किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी खारा और दूषित है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बना हुआ है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायत देकर पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की है। बुधवार को ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के पीपला मोहल्ले में स्थित बोरवेल से आने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। ग्रामीण लंबे समय से इसी पानी का उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पानी अत्यधिक खारा होने के साथ दूषित भी है। ऐसे पानी का सेवन करने से पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि संबंधित बोरवेल के पानी की गुणवत्ता की जल्द जांच करवाई जाए और समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना जरूरी है, ताकि लोगों को दूषित पानी के उपयोग से राहत मिल सके। इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ महेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर संबंधित ट्यूबवेल से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जांच होने तक ट्यूबवेल की सप्लाई को नजदीकी दूसरे ट्यूबवेल से जोड़ने पर भी विचार किया जाएगा। यदि जांच में टीडीएस की मात्रा अधिक पाई जाती है तो गांव में नया ट्यूबवेल लगवाने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला