महेंद्रगढ़ में बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, हड़ताल की चेतावनी
निजीकरण का विरोध, एग्री डिस्कॉम योजना रद्द करने और रिस्क अलाउंस लागू करने की मांग
नारनाैल, 05 अगस्त (हि.स.)। बिजली कर्मचारी अधिकारी संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को महेंद्रगढ़ स्थित एक्सईएन कार्यालय के बाहर बिजली कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निजीकरण की नीतियों और लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन प्रधान नवीन कुमार ने की। सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू कर रही है और उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। इससे बिजली कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारी विरोधी फैसले वापस नहीं लिए और लंबित मांगों का समाधान नहीं किया तो बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष के बैनर तले 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान यदि औद्योगिक अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
कर्मचारी नेताओं ने विशेष रूप से एग्री डिस्कॉम योजना तथा नूंह और गुरुग्राम में बिजली व्यवस्था के निजीकरण की नीति को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई। इसके साथ ही बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस लागू करने और अन्य लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की भी मांग की गई। उन्होंने दोहराया कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रस्तावित महा-हड़ताल को पूरी ताकत के साथ सफल बनाया जाएगा।
प्रदर्शन में एचएसईबी वर्कर यूनियन के केंद्रीय परिषद के संपादक सत्यवान यादव, केंद्रीय उपप्रधान शिवकुमार, डीसीओ सतीश कुमार जेई, यूनिट सेक्रेटरी अनिल मेघनवास, कैशियर रविंद्र सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी नेता और बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला