हिसार के निशांत मेहता ने रचा इतिहास, साइकिल से 4000 किलोमीटर की नॉर्थकेप-4000 चुनौती को पूरा किया
साइकिल से आठ देशों को पार कर नॉर्वे के नॉर्थ
केप पहुंचे निशांत मेहता
हरियाणा के पहले साइकिलिस्ट के रूप में हासिल
की ऐतिहासिक उपलब्धि
हिसार, 19 अगस्त (हि.स.)। जुनून, हौसले और अदम्य
इच्छाशक्ति के दम पर हिसार के साइकिलिस्ट निशांत मेहता ने दुनिया की सबसे कठिन लंबी
दूरी की साइकिलिंग चुनौतियों में शामिल नॉर्थकेप-4000 को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास
रच दिया है। करीब 4000 किलोमीटर लंबी इस चुनौतीपूर्ण यात्रा की शुरुआत इटली के रोवेरटो
से हुई और आठ देशों को पार करते हुए नॉर्वे के उत्तरी छोर नॉर्थ केप पर पहुंचकर इसका
समापन हुआ।
निशांत मेहता की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है
क्योंकि वह हरियाणा से नॉर्थकेप 4000 पूरा करने वाले पहले साइकिलिस्ट बन गए हैं। वर्ष
2026 के आधिकारिक प्रतिभागी अभिलेख में भी उनका नाम भारत के प्रतिभागियों में दर्ज
है। इस सफर पर भारत से 8 लोग निकले थे जिनमें से 6 लोग इस चुनौती को पूरा कर पाए। निशांत
महता साइकिल से 4000 किलोमीटर की यह यात्रा पूरी करने वाले उत्तर भारत के पहले साइकिलिस्ट
हैं।इस अभियान की कठिनाई का अंदाजा इसी से लगाया जा
सकता है कि करीब 4000 किलोमीटर के सफर के दौरान निशांत ने लगभग 28,800 मीटर की कुल
ऊंचाई की चढ़ाई पूरी की। यह माउंट एवरेस्ट की समुद्र तल से ऊंचाई से तीन गुना से भी
अधिक, यानी लगभग 3.25 एवरेस्ट के बराबर है।
यह सामान्य साइकिल यात्रा नहीं थी। पूरे मार्ग
में मूसलाधार बारिश, आर्कटिक क्षेत्र की जमा देने वाली ठंड, तेज हवाओं, लंबी चढ़ाइयों
और बेहद कम आराम के बीच निशांत को लगातार साइकिल चलानी पड़ी। कई बार मौसम इतना चुनौतीपूर्ण
रहा कि शरीर को गर्म रखना, सामान को सुरक्षित रखना और साइकिल पर नियंत्रण बनाए रखना
भी कठिन हो गया। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से नजर नहीं हटाई। इटली से शुरू
हुए सफर में उन्होंने ऑस्ट्रिया, जर्मनी, चेक गणराज्य, पोलैंड, स्वीडन, फिनलैंड और
नॉर्वे को पार किया। हजारों किलोमीटर की दूरी, अनगिनत चढ़ाइयों और बदलते मौसम के बीच
नॉर्थ केप पहुंचना उनके वर्षों के अनुशासन, मेहनत और लंबी दूरी की साइकिलिंग के प्रति
समर्पण का परिणाम रहा।
निशांत मेहता ने यह चुनौती 46 वर्ष की उम्र में
पूरी की। वह लंबे समय से लंबी दूरी की साइकिलिंग से जुड़े हैं और 1200 किलोमीटर की
पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस चुनौती सहित कई कठिन साइकिलिंग अभियानों को पूरा कर चुके हैं।
वह लगातार दस बार सुपर रैंडोन्यूर की उपलब्धि भी हासिल कर चुके हैं। नॉर्थकेप 4000
की सफलता उनके साइकिलिंग सफर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ती है।
हिसार लौटने पर जोरदार स्वागत
नॉर्थकेप 4000 पूरा कर हिसार लौटने पर बुधवार काे हिसार रोडीज
क्लब के साइकिलिस्टों और शहरवासियों ने निशांत मेहता का गर्मजोशी से स्वागत किया। साथी
साइकिलिस्टों ने फूल-मालाओं, केक काटकर और ढोल की थाप पर उनका अभिनंदन किया। इस उपलब्धि
को हिसार और पूरे हरियाणा के लिए गौरव का क्षण बताया गया। निशांत मेहता ने कहा कि यह सिर्फ 4000 किलोमीटर
की यात्रा नहीं, बल्कि 4000 बार खुद को चुनौती देने का सफर था। निशांत मेहता की यह ऐतिहासिक उपंलब्धि न केवल
साइकिलिंग जगत के लिए गौरव की बात है, बल्कि हिसार और पूरे हरियाणा के युवाओं के लिए
भी प्रेरणा है। उन्होंने साबित कर दिया कि उम्र शरीर की क्षमता को सीमित कर सकती है,
लेकिन सपनों, जुनून और हौसले की कोई उम्र नहीं होती।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर