राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में अब मरीजों को मिलेगा मुफ्त काढ़ा

 


-मौसमी बीमारियों व बढ़ते संक्रमण केसों से लिया फैसला

चंडीगढ़, 15 जनवरी (हि.स.)। कड़ाके की ठंड के बीच भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन चल रहे राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला ने यहां आने वाले मौसमी बीमारी के मरीजों के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा शुरू किया है। आयुर्वेदिक काढ़ा न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा रहा है, बल्कि सर्दियों में होने वाली मौसमी बीमारी से बचाव में भी कारगर साबित हो रहा है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला में कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा के निर्देश पर शुरू किए गए अभियान के बारे में प्रवक्ता ने बताया कि ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों के साथ उनके परिजन काढ़ा पीकर इम्यूनिटी को मजबूत कर रहे हैं। संस्थान की ओपीडी और आईपीडी में चिकित्सकीय परामर्श के साथ काढ़ा निशुल्क मुहैया करवाया जा रहा है। आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार किया गया काढ़ा न केवल सर्दी-जुकाम और खांसी में राहतदायक साबित हो रहा है, साथ ही आयुर्वेद के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ रहा है।

उप चिकित्सा अधीक्षक (डीएमएस) डॉ. गौरव गर्ग का कहना है कि ठंड के मौसम में बुजुर्ग, बच्चों, गंभीर रोगों से पीडि़त महिलाओं के साथ सांस और दमा के रोगियों की सेहत पर असर पड़ता है, जिससे उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है और वे सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आते हैं। संस्थान में निशुल्क वितरित किया जा रहा काढ़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ मौसमी बीमारियों से बचाव में भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। सर्दियों के मौसम में ठंड और शुष्कता के चलते मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इनमें मुख्य रूप से खांसी-जुकाम शामिल हैं, लिहाजा राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में प्राकृतिक उपचार पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों में आयुर्वेदिक सिद्धांतों को अपनाने से मौसमी रोगों से बचाव होता है। चिकित्सालय में रोगियों को नि:शुल्क उच्च गुणवता युक्त औषधियों का वितरण किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा