एनएचएम कर्मियों को अब एक बार ही जिला बदलने का मौका
-गंभीर बीमारी, सिंगल पैरेंट और विधवा-अविवाहित महिलाओं को प्राथमिकता
चंडीगढ़, 23 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में एनएचएम के संविदा कर्मचारियों के अंतर-जिला पुनर्नियोजन की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन और तय प्राथमिकता के आधार पर होगी। व्यक्तिगत अनुरोध पर जिला बदलने की सुविधा नहीं मिलेगी। कर्मचारी को वास्तविक और सत्यापित कठिनाई के साथ उसी पद पर दूसरे जिले में स्वीकृत एवं सत्यापित रिक्ति उपलब्ध होने की स्थिति में ही पुनर्नियोजन मिल सकेगा। पूरी सेवा अवधि में यह अवसर सिर्फ एक बार मिलेगा।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम के ताजा निर्देशों में पुनर्नियोजन के लिए पांच श्रेणियां तय की गई हैं। सबसे पहली प्राथमिकता दिव्यांगता, गंभीर पुरानी या जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली बीमारी तथा ऐसी असमर्थता वाले कर्मचारियों को मिलेगी, जिनके लिए लगातार उपचार जरूरी है। इसके बाद नाबालिग बच्चे वाले सिंगल पैरेंट, फिर 35 वर्ष से अधिक उम्र की विधवा, तलाकशुदा या न्यायिक रूप से अलग महिला और इसी आयु वर्ग की अविवाहित महिला को रखा गया है।
चौथी श्रेणी में बेंचमार्क दिव्यांगता या गंभीर बीमारी से पीडि़त आश्रित पति, पत्नी, बच्चे या माता-पिता वाले कर्मचारी और पांचवीं में दूसरे जिले में तैनात पति या पत्नी वाले दंपती शामिल होंगे। कोई कर्मचारी एक से अधिक श्रेणी में आता है तो उसे सिर्फ सबसे ऊपर वाली लागू श्रेणी में ही माना जाएगा। एक ही श्रेणी में समान पद की एक रिक्ति के लिए कई दावेदार होने पर एनएचएम में लगातार संतोषजनक सेवा अवधि ज्यादा रखने वाले कर्मचारी को वरीयता मिलेगी।
कर्मचारी आवेदन में अधिकतम चार जिलों को प्राथमिकता क्रम में चुन सकेगा। पहले विकल्प में पद उपलब्ध नहीं होने पर दूसरे, फिर तीसरे और चौथे विकल्प पर विचार होगा। जिस विकल्प के आधार पर पुनर्नियोजन मिल गया, उसके बाद नीचे के विकल्प खत्म हो जाएंगे। आवेदन के बाद विकल्प बदलने की अनुमति नहीं होगी। जिला बदलना सामान्य तबादला नहीं माना जाएगा। प्रत्येक जिले की स्वीकृत रिक्तियों की पदवार सूची आवेदन शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले एनएचएम पोर्टल पर उपलब्ध होगी। रिक्ति एचआरआईएस में दर्ज स्वीकृत पद और एनएचएम हरियाणा के सत्यापन के आधार पर ही मान्य होगी। केवल सिविल सर्जन द्वारा बताई गई, लेकिन एचआरआईएस में दर्ज नहीं रिक्ति पर पुनर्नियोजन नहीं होगा। ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद पोर्टल स्वत: प्रोविजनल मेरिट सूची तैयार करेगा। पुराने जिले में सात दिन में रिलीव और नए जिले में 15 दिन के भीतर ज्वाइन करना होगा। पात्रता या दस्तावेज से जुड़ी शिकायत सात दिन में सिविल सर्जन, उसके बाद 15 दिन में निदेशक (प्रशासन) और फिर मिशन निदेशक के समक्ष ऑनलाइन की जा सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा