नूंह: अंतरजातीय विवाह से सामाजिक समरसता को मिल रहा बढ़ावा, नवदंपतियों के लिए संबल बनी सरकारी सहायता

 


नूंह, 08 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की प्रेरणादायक कहानियां सामने लाई जा रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना जिले में सामाजिक सद्भाव, समानता और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

योजना के तहत अंतरजातीय विवाह करने वाले पात्र दंपतियों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इससे नवदंपतियों को वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत करने में आर्थिक संबल मिलने के साथ ही समाज में समानता और सामाजिक समरसता का संदेश भी पहुंच रहा है।

वर्ष 2017 से 2026 तक जिले में इस योजना के तहत 32 लाभार्थियों को कुल 70 लाख 3 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। वर्ष 2020 से पात्र लाभार्थियों को 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। फिरोजपुर झिरका निवासी रजनी पुत्री गिरराज प्रसाद योजना की लाभार्थी हैं। उन्हें 17 जून 2020 को 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि सरकारी सहायता से उन्हें वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत के दौरान आर्थिक सहारा मिला।

सौंख निवासी अशोक कुमार पुत्र सूबे सिंह को भी 17 जून 2020 को योजना के तहत 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि मिली। उन्होंने कहा कि योजना आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ समाज में समानता और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है। तावड़ू निवासी शीतल पुत्री जयप्रकाश को 17 जून 2020 को 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि योजना से मिली आर्थिक सहायता ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत में सहयोग दिया।

नूंह निवासी ज्योति पुत्री प्रीतम सिंह को 28 फरवरी 2022 को योजना के तहत 2.50 लाख रुपये की सहायता मिली। उनका कहना है कि इस प्रकार की सरकारी सहायता सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के साथ पात्र परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने में सहायक है। राठीवास, तावड़ू निवासी प्रेमवती को 23 सितंबर 2023 को योजना के तहत 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि सरकारी आर्थिक सहयोग ने उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत को मजबूती देने में मदद की। जिले में योजना के तहत अब तक 32 लाभार्थियों को मिली 70 लाख 3 हजार रुपये की सहायता इस दिशा में किए जा रहे सरकारी प्रयासों को दर्शाती है। योजना नवदंपतियों के लिए आर्थिक संबल बनने के साथ सामाजिक बदलाव और समरसता को बढ़ावा देने का माध्यम भी बन रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया