नए साल में नए नियमों के साथ लागू होगी लाडो लक्ष्मी

 


-मंत्रिमंडल बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी चंडीगढ़, 01 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को नए रूप में लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में योजना में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई। अब योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों की शिक्षा, पोषण एवं समग्र विकास से जुड़ी होगी।

अब तक इस योजना में उन्हीं महिलाओं को शामिल किया जाता था, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से कम थी। कैबिनेट के नए फैसले के बाद यह दायरा बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये कर दिया गया है, लेकिन इसके साथ एक बड़ी शर्त जोड़ दी गई है।एक लाख 20 हजार रुपये तक सालाना आय वाले परिवार की महिलाओं पर ये नई शर्तें लागू नहीं होंगी। लेकिन बाकी के सभी बदलाव उन पर भी लागू होंगे। अब इस बढ़ी हुई आय सीमा के अंतर्गत वही महिलाएं योजना का लाभ ले सकेंगी, जिनके बच्चे दसवीं या बारहवीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेंगे। यानी केवल आय कम होना ही काफी नहीं होगा, बच्चों का शैक्षणिक प्रदर्शन भी उतना ही जरूरी होगा।

योजना में दूसरा बड़ा बदलाव मासिक सहायता राशि को लेकर किया गया है। अब तक इस योजना के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने सीधे 2100 रुपये भेजे जाते थे। लेकिन अब इस राशि को भी दो हिस्सों में बांट दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, 1100 रुपये सीधे महिला के बैंक खाते में जमा होंगे। शेष 1000 रुपये सरकार द्वारा आवर्ती जमा या सावधि जमा के रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे। इस जमा राशि पर ब्याज भी मिलेगा और हर महीने महिला को मोबाइल संदेश के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाएगी। महिला की असामयिक मृत्यु की स्थिति में यह पूरी राशि नामित व्यक्ति को तुरंत दे दी जाएगी।

यह पहले ही तय किया जा चुका है कि अब यह सहायता राशि हर महीने नहीं, बल्कि तीन महीने में एक बार दी जाएगी। पहले जहां महिलाओं को तीन महीने में 6300 रुपये एकमुश्त मिलते थे, अब नए नियमों के बाद तस्वीर बदल गई है। अब, महिला के खाते में तिमाही केवल 3300 रुपये आएंगे। बाकी 3000 रुपये सरकार जमा योजना में सुरक्षित रखेगी। सरकार ने इस योजना को केवल अंकों तक सीमित नहीं रखा है। अब बच्चों की सेहत भी मां को मिलने वाली सहायता से जुड़ गई है। नई श्रेणियों के तहत उन माताओं को भी लाभ मिलेगा जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और तय शैक्षणिक स्तर हासिल करते हैं।

योजना को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने यह भी तय किया है कि लाभार्थियों की सूची ग्राम सभाओं में सार्वजनिक रूप से लगाई जाएगी। यदि किसी महिला के पात्र होने पर आपत्ति दर्ज होती है और जांच में वह सही पाई जाती है, तो उसका नाम सूची से हटा दिया जाएगा। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 10 लाख 25 हजार से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें से करीब 8 लाख महिलाओं को नियमित सहायता मिल रही है। सरकार अभी तक दो किस्तों में महिलाओं के बैंक खातों में 250 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुकी है।

---लाडो लक्ष्मी योजना के लिए नए नियम-दसवीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर आने वाले बच्चे सरकारी स्कूलों के होने चाहिएं।

-भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी प्राप्त करते हैं, ऐसी माताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

-पोषण ट्रैकर में कोई बच्चा जो कुपोषित या एनीमिया ग्रस्त था, वह पोषित और स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो ऐसी माताओं को भी 2100 रुपये का लाभ मिलेगा।

-उपरोक्त सभी श्रेणियों के तहत यह लाभ केवल तीन बच्चों तक ही मिलेगा। इन श्रेणियों के तहत पात्र महिलाओं को लाभ तीन साल तक दिया जाएगा।

-लाभार्थियों की सूची ग्राम सभाओं में जारी की जाएगी। यदि कोई आपत्ति दर्ज करवाई जाती है तो संबंधित का नाम काट दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा