नई औद्याेगिक नीति: सब्सिडी से सरकार उठाएगी कंपनियों का बड़ा खर्च

 

-एक लाख 20 हजार तक प्रति कर्मचारी मिलेगा सालाना लाभ

-एचकेआरएन से भर्ती पर पांच साल तक ईपीएफ भरेगी सरकार

चंडीगढ़, 20 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने उद्योगों के लिए ऐसी नई रणनीति लागू की है, जिसमें स्थानीय युवाओं को नौकरी देने वाली कंपनियों को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। सरकार ने दस नई इंडस्ट्रियल पॉलिसियों के लिए एक साझा प्रोत्साहन ढांचा तैयार किया है, जिसके तहत उद्योगों को सब्सिडी, ईपीएफ राहत, ग्रीन टेक्नोलॉजी सहायता, पेटेंट सपोर्ट और फैक्ट्री शिफ्टिंग पैकेज जैसे कई बड़े लाभ एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे।नई व्यवस्था में सबसे बड़ा फोकस हरियाणा के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने पर रखा गया है। कंपनियों को स्थानीय युवाओं को नौकरी देने पर प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष एक लाख रुपये तक की रोजगार सृजन सब्सिडी मिलेगी। महिलाओं, अनुसूचित जाति, दिव्यांगजन, अग्निवीर और पूर्व सैनिकों को रोजगार देने पर यह सहायता बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये प्रति कर्मचारी कर दी गई है। यह लाभ लगातार 10 वर्षों तक दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मैनपावर मिलेगी और युवाओं के लिए प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

नई नीति में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए ईपीएफ प्रतिपूर्ति को सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है। एचकेआरएन पोर्टल के माध्यम से भर्ती करने वाली कंपनियों को पांच वर्षों तक कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के ईपीएफ अंशदान की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति दी जाएगी। इससे खासतौर पर एमएसएमई सेक्टर की कंपनियों का शुरुआती खर्च काफी कम होगा।

यदि कोई घरेलू उद्योग हरियाणा में अपनी यूनिट स्थानांतरित करता है तो उसे 5 करोड़ रुपये तक सहायता मिलेगी। वहीं विदेशी औद्योगिक इकाइयों को हरियाणा में लाने पर 10 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि दिल्ली-एनसीआर की बढ़ती सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सा हरियाणा की ओर आकर्षित होगा।

हरियाणा के उद्याेग मंत्री राव नरबीर सिह ने बुधवार काे कहा कि सरकार ने उद्योगों के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि भरोसे और तेज फैसलों का नया माहौल तैयार किया है। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली इकाइयों को सीधे आर्थिक प्रोत्साहन देकर सरकार ने उद्योग और रोजगार को एक साथ जोड़ने का काम किया है। नई व्यवस्था से हरियाणा निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बनेगा और प्रदेश में हाई-टेक, ग्रीन तथा रोजगार आधारित उद्योगों का तेजी से विस्तार होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा