हिसार : कृषि में नया आइडिया है तो यही है सुनहरा मौका, हकृवि देगा स्टार्टअप को नई पहचान
एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर ने कोहोर्ट-8 के लिए मांगे आवेदन
पात्र स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपये तक की ग्रांट और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
हिसार, 01 अगस्त (हि.स.)। खेती-किसानी से जुड़े नए विचारों को सफल व्यवसाय
में बदलने की दिशा में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (हकृवि) का एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन
सेंटर (एबिक) एक बार फिर नवाचारकर्ताओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। एबिक ने कोहोर्ट-8
के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस कार्यक्रम के तहत चयनित स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपये
तक की अनुदान सहायता, अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और बाजार तक पहुंच
उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनके अभिनव विचार व्यावसायिक सफलता में बदल सकें।
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने शनिवार काे पत्रकाराें से बातचीत में बताया कि एबिक केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने
वाला केंद्र नहीं, बल्कि नवाचारों को उद्योग का स्वरूप देने वाला सशक्त प्लेटफॉर्म
है। यहां स्टार्टअप्स को विचार की प्रारंभिक अवधारणा से लेकर उत्पाद के व्यावसायीकरण
तक हर चरण में सहयोग दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आज कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित
नवाचारों की सबसे अधिक आवश्यकता है और युवाओं के पास ऐसे अनेक विचार हैं, जिन्हें सही
मार्गदर्शन और संसाधन मिलें तो वे देश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने बताया कि चयनित स्टार्टअप्स को तकनीकी एवं व्यावसायिक मेंटरशिप, एक माह का
नि:शुल्क इनक्यूबेशन और उद्यमिता प्रशिक्षण, बिजनेस मॉडल एवं विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
(डीपीआर) तैयार करने में सहयोग, कंपनी पंजीकरण, स्टार्टअप इंडिया एवं स्टार्टअप हरियाणा
में पंजीकरण, पेटेंट एवं बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) संबंधी सहायता, ब्रांडिंग,
डिजिटल मार्केटिंग, निवेशकों और उद्योग जगत से नेटवर्किंग तथा राष्ट्रीय प्रदर्शनियों
में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
इन क्षेत्रों के नवाचारों को मिलेगा प्रोत्साहन
एबिक ने स्मार्ट एवं प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि,
ड्रोन तकनीक, डिजिटल एग्रीकल्चर, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण, डेयरी एवं
पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन, वेस्ट-टू-वेल्थ तकनीक, सप्लाई
चेन एवं पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि
तथा कृषि इनपुट एवं जैव उत्पादों से जुड़े नवाचारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। एबिक कोहोर्ट-8 के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम
तिथि 10 सितंबर निर्धारित की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर