हिसार : मोटापा व लाइफस्टाइल बीमारियों के इलाज में नई दिशा : किफायती हुआ सेमाग्लूटाइड
हिसार, 15 अप्रैल (हि.स.)। मोटापा, डायबिटीज़
और अन्य लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां आज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के रूप
में सामने आ रही हैं। ऐसे में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में सेमाग्लूटाइड दवा ने उपचार
के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान की है। पहले जहां इस दवा की मासिक लागत लगभग
8-10 हजार रुपये तक होती थी, वहीं अब इसकी कीमत घटकर लगभग दाे-तीन हजार रुपये प्रतिमाह
हो गई है, जिससे यह अधिक लोगों की पहुंच में आ गई है।
यह बात शहर के जिंदल अस्पताल में एंडोक्रिनोलॉजी
विभागाध्यक्ष डॉ. अलका बिश्नोई ने बुधवार काे कही। उन्होंने बताया कि यह दवा शरीर में प्राकृतिक
हार्मोन जीएलपी-1 की तरह कार्य करती है। यह मस्तिष्क को जल्दी तृप्ति का संकेत देती
है, जिससे भूख कम लगती है और भोजन की मात्रा स्वत: नियंत्रित हो जाती है। साथ ही यह
पेट से भोजन के खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है, जिससे लंबे समय तक पेट
भरा हुआ महसूस होता है। अब सेमाग्लूटाइड दो सुविधाजनक रूपों में उपलब्ध है—रोजाना लेने वाली टैबलेट
और सप्ताह में एक बार लगाया जाने वाला इंजेक्शन (पेन), जिसे मरीज स्वयं भी आसानी से
उपयोग कर सकता है। इससे उपचार को अपनाना और नियमित रूप से जारी रखना अधिक सरल हो गया
है।
डॉ. अलका बिश्नोई ने बताया कि इस दवा के उपयोग
से न केवल वजन में कमी आती है, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, डिस्लिपिडेमिया,
पीसीओएस तथा स्लीप एपनिया जैसी बीमारियों में
भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। कई मामलों में रोगों के नियंत्रण या रिमिशन तक
के परिणाम सामने आए हैं। महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बेहतर होने से प्रजनन क्षमता
(फर्टिलिटी) पर भी सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट
किया है कि सेमाग्लूटाइड कोई ‘जादुई दवा’ नहीं है। इसके प्रभावी परिणामों के लिए संतुलित आहार और
नियमित व्यायाम अत्यंत आवश्यक हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर