पूर्व आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइकल क्लार्क की गेंद पर मुख्यमंत्री सैनी ने जड़े दो छक्के

 


चंडीगढ़, 09 जून (हि.स.)। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क की गेंद पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दाे छक्के लगाकर उन्हें आश्चर्य में डाल दिया। इस पर क्लार्क ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके एक ओवर में दो छक्के लगे हैं। ऐसे में उन्हें गेंदबाजी छोड़ने पर विचार करना चाहिए।

न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) में भारत और अफगानिस्तान के बीच एक मात्र टेस्ट क्रिकेट मैच खेला गया। इस मैच में भारतीय टीम ने पारी और 300 रनों से जीत दर्ज की। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइकल क्लार्क इस मैच में कमेंट्री करने आए थे। सोमवार को मैच खत्म होने के बाद क्लार्क मुख्यमंत्री सैनी से मिलने उनके आवास पहुंचे, जहां क्रिकेट की बाचतीच के बाद मैच खेला गया।

मैच के दौरान क्लार्क ने उन्हें अपना ऑटोग्राफ कर एक बैट भी गिफ्ट किया। मुख्यमंत्री सैनी ने क्लार्क की स्पिन गेंदबाजी पर 2 सिक्स लगाए। क्लार्क ने उन्हें एक ओवर गेंदबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 2 सिक्स के साथ 4 बॉल डिफेंड की। मुख्यमंत्री सैनी के सिक्स लगाते ही माइकल क्लार्क ने कहा कि मुझे लगता है, अब गेंदबाजी बंद कर देनी चाहिए। इसके बाद दोनों के बीच प्रदेश में क्रिकेट की स्थिति को लेकर काफी बातचीत हुई।

मुख्यमंत्री सैनी से बातचीत के बाद क्लार्क ने कहा कि हरियाणा में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मुझे उम्मीद है कि हरियाणा देश और दुनिया को कई बेहतरीन क्रिकेटर देगा। यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच का संबंध बेहद महत्वपूर्ण है। मैं बहुत भाग्यशाली रहा हूं कि मुझे भारत में काफी समय बिताने का मौका मिला। क्लार्क ने आगे कहा कि हरियाणा में बेहतरीन एथलीट्स हैं। मैं यहां कुछ और अच्छे क्रिकेटरों को लाने में मदद कर सकूंगा। यहां क्रिकेट को बेहतर होते देखना चाहूंगा। उम्मीद है कि मुझे यहां और समय बिताने का मौका मिलेगा, शायद मैं यहां अपनी खुद की क्रिकेट एकेडमी भी शुरू करूं।

इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि आज माइकल क्लार्क के साथ क्रिकेट खेलने का अवसर प्राप्त होना मेरे लिए एक बेहद खास और अविस्मरणीय अनुभव रहा। उनकी खेल भावना, सहजता और साथी खिलाड़ियों के प्रति गहरा सम्मान इस खेल की असली खूबसूरती को दर्शाता है। ऐसे क्षण न केवल यादगार होते हैं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनते हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा