हिसार : हरियाणा में प्राकृतिक खेती को मिलेगा नया आयाम : प्रो. बीआर कम्बोज

 


हकृवि के प्रदेश भर में स्थित 14 कृषि विज्ञान केन्द्र देंगे 40 हजार किसानों

को प्रशिक्षण

हिसार, 06 अगस्त (हि.स.)। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में

सुधार तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के 14 कृषि

विज्ञान केन्द्र प्रदेशभर के लगभग 40 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण

प्रदान करेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन

के तहत आयोजित किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने गुरुवार काे बताया कि प्रशिक्षण के दौरान

किसानों को प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक तकनीकों, जैविक आदानों के स्थानीय उत्पादन,

मृदा जैव विविधता संरक्षण, लागत में कमी तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली से संबंधित व्यावहारिक

जानकारी दी जाएगी। साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन

भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती एक रसायन-मुक्त एवं स्थानीय

संसाधनों पर आधारित कृषि प्रणाली है, जिसमें स्थानीय नस्ल की गाय, बीजामृत, जीवामृत,

घनजीवामृत, प्राकृतिक मल्चिंग, बहु-फसली प्रणाली तथा पारंपरिक बीजों का उपयोग किया

जाता है। इसका उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाना, उत्पादन लागत कम करना तथा जलवायु

परिवर्तन के प्रभावों के प्रति खेती को अधिक लचीला बनाना है।

कुलपति ने बताया कि हरित क्रांति ने उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका

निभाई, लेकिन वर्तमान समय में टिकाऊ एवं जलवायु-अनुकूल खेती की आवश्यकता है। प्राकृतिक

खेती केवल खेती की तकनीक नहीं, बल्कि भूमि, जल, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के संरक्षण

का व्यापक अभियान है। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने बताया कि विश्वविद्यालय के 14 कृषि

विज्ञान केन्द्र प्रशिक्षण, किसान गोष्ठियों, खेत प्रदर्शन, व्यावहारिक अभ्यास तथा

नियमित तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए सक्षम

बनाएंगे। विश्वविद्यालय किसानों तक नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने तथा प्राकृतिक

संसाधनों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर