हिसार : विनय सैनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय का नाम चमकाया
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व
विद्यार्थी विनय सैनी की उपलब्धियों पर विभाग को गर्व
हिसार, 27 जून (हि.स.)। यहां के गुरु जम्भेश्वर
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के
प्रथम बैच (2001-2005) के पूर्व विद्यार्थी विनय सैनी ने अपने उत्कृष्ट कार्यों, नवाचार
और वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व के माध्यम से विश्वविद्यालय का नाम अंतरराष्ट्रीय
स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस अवसर पर विनय सैनी ने अपने द्वारा लिखित पुस्तकों की
हस्ताक्षरित प्रतियां कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग को भेंट कीं। यह पहल विद्यार्थियों
को प्रेरित करने तथा उन्हें नवीनतम तकनीकी ज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण
कदम है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई
ने शनिवार काे विनय सैनी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक
पहचान उसके पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है। उन्होंने कहा कि विनय सैनी
ने अपने ज्ञान, परिश्रम और नवाचार के बल पर वैश्विक तकनीकी जगत में जो स्थान बनाया
है, वह वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी उपलब्धियां यह सिद्ध करती
हैं कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता
रखते हैं।
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष
प्रो. ओम प्रकाश सांगवान ने कहा कि विभाग के प्रथम बैच के विद्यार्थी द्वारा इस स्तर
की उपलब्धियां हासिल करना पूरे विभाग के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा
कि विनय सैनी का विभाग से निरंतर जुड़ाव तथा विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के प्रति उनकी
प्रतिबद्धता सराहनीय है। उनके अनुभव और उपलब्धियां विभाग के विद्यार्थियों को नई दिशा
और प्रेरणा प्रदान करेंगी।
अपने संबोधन में विनय सैनी ने कहा कि वे सदैव
अपने विभाग और विश्वविद्यालय के लिए योगदान देने हेतु तत्पर रहेंगे। उनका यह प्रयास
केवल विद्यार्थियों एवं जूनियर्स को प्रेरित करने के उद्देश्य से है, ताकि वे भी अपने
जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त कर सकें। उन्होंने अपने संस्थान
के प्रति भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल उनकी शिक्षा का स्थान
नहीं है, बल्कि यहीं उनके व्यक्तित्व का निर्माण हुआ है और यहां के शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों
का योगदान उनकी सफलता की मजबूत नींव है।
विनय सैनी अपने बैच के पहले ऐसे विद्यार्थी रहे
जिन्होंने विश्वविद्यालय से पहला प्लेसमेंट प्राप्त किया और इसके बाद उन्होंने इस उपलब्धि
को 20 से अधिक वर्षों की प्रेरणादायक पेशेवर यात्रा में परिवर्तित किया। विनय सैनी के नाम 100 से अधिक अमेरिकी पेटेंट
दर्ज हैं, जो उनके नवाचार और तकनीकी योगदान का प्रमाण हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर