कैथल: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से नगर परिषद का कामकाज ठप, सड़कों पर पसरी गंदगी

 




कैथल, 19 अगस्त (हि.स.)। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था के साथ-साथ सरकारी कामकाज पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को नगर परिषद कार्यालय के तीनों गेट बंद रहे, जिसके चलते विभिन्न कामों के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा। कार्यालय के चक्कर काट रहे लोगों में खासा रोष दिखाई दिया।लोगों के अनुसार सफाई कर्मचारियों की हड़ताल छह अगस्त से चल रही है। इसका असर जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, डोमिसाइल, आधार कार्ड और विवाह पंजीकरण सहित कई जरूरी सेवाओं पर पड़ा है। बताया जा रहा है कि करीब 1000 जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, 700 डोमिसाइल, 1200 आधार कार्ड और लगभग 300 विवाह पंजीकरण से जुड़े मामले अटके हुए हैं। वहीं प्रापर्टी टैक्स जमा न होने से नगर परिषद को करीब 25 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे बड़ा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। 31 वार्डों वाले कैथल शहर में रोजाना करीब 100 से 120 टन कचरा निकलता है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण अब वार्डों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर दिखाई देने लगे हैं। कई जगह बेसहारा गोवंश कचरे में मुंह मारते नजर आ रहे हैं।चंदाना गेट, पुराना बस अड्डा मार्ग, करनाल रोड, ढांड रोड, अर्जुन नगर, मॉडल टाउन रोड, जींद रोड, सेक्टर-19, कुतुबपुर रेलवे फाटक रोड, राम नगर, कबूतर चौक-सब्जी मंडी रोड और रेलवे गेट के आसपास गंदगी फैलने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों की ड्यूटी कार्यालय में लगाई गई है, ताकि लोगों को जरूरी सेवाओं के लिए अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे