एमएसएमई को नए डीजल जनरेटर सेट खरीदने पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

 

गुरुग्राम व फरीदाबाद में पायलट प्रोजेक्ट से 1400 डीजी सेट लगाने का लक्ष्य

चंडीगढ़, 21 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र के उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए सब्सिडी योजना का ऐलान किया है। इसके तहत माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज नए डीज़ल जनरेटर सेट खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। यह राशि अधिकतम 20 लाख रुपये तक हो सकती है। ये डीजी सेट सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एमिशन स्टैंडड्र्स के मुताबिक होने चाहिए।

हरियाणा के उद्योग विभाग द्वारा घोषित इस योजना का मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम और फरीदाबाद में 1,400 नए डीजी सेट लगाना है। एमएसएमई मौजूदा डीजी सेट के लिए रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस की लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 5 लाख रुपये) तक रिइम्बर्समेंट भी पा सकते हैं।

ये इंसेंटिव 'हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट 2025-31 प्रतिशत का हिस्सा हैं। इसका मकसद साफ़ ईंधन और टेक्नोलॉजी की ओर बदलाव को बढ़ावा देकर इंडस्ट्रियल और शहरी वायु प्रदूषण को कम करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का अनुमान है कि शहरी प्रदूषण में स्टेशनरी डीज़ल जनरेटर की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है। राज्य की अधिसूचना में कहा गया है कि पुराने डीजी सेट से होने वाला एमिशन तय मानकों से 11 गुना तक ज़्यादा हो सकता है और यह आसपास की हवा के प्रदूषण में 7-18 प्रतिशत तक योगदान देता है।

दो साल तक चलने वाले पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत की इंडस्ट्रियल यूनिट्स शामिल होंगी। नए सीपीसीबी-कम्प्लायंट डीजी सेट खरीदने के अलावा, यूनिट्स को मौजूदा जनरेटर को साफ़ ईंधन के लिए रेट्रोफिट करने या उन्हें डुअल-फ्यूल ऑपरेशन में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

दूसरे चरण में इस स्कीम का विस्तार बाकी एनसीआर जिलों में और तीसरे चरण में नॉन-एनसीआर इलाकों में किया जाएगा। हर चरण दो साल का होगा। सभी सपोर्टेड डीजी सेट और रेट्रोफिट सिस्टम को सीपीसीबी के एमिशन नियमों और 'एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन' के निर्देशों का पालन करना होगा।

इसके अलावा, सरकार ने साफ़ इंडस्ट्रियल बॉयलर्स के लिए एक सहायता स्कीम की भी घोषणा की है। इसके तहत एमएसएमई को पाइप्ड नेचुरल गैस, कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस या अन्य गैसीय ईंधन पर चलने वाले पहले 1,000 बॉयलर्स खरीदने पर लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 20 लाख रुपये) मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा