स्वास्थ्य विभाग में ऑनलाइन पोर्टलों के विरोध में एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन
-एसोसिएशन ने की मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
चंडीगढ़, 12 जुलाई (हि.स.)। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी (एमपीएचडब्ल्यू) एसोसिएशन, हरियाणा ने विभिन्न जिलों में ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टलों के संचालन को लेकर कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन का कहना है कि कर्मचारियों को सेवा समाप्ति, वेतन रोकने और प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी वाले पत्र भेजे जा रहे हैं, जबकि संगठन पिछले वर्ष से ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार कर रहा है।एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर ऐसे पत्राचार पर रोक लगाने की मांग की है। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, महासचिव सहदेव आर्य और प्रदेश प्रेस सचिव संदीप कुंडू ने संयुक्त बयान में कहा कि संगठन पहले ही सरकार और स्वास्थ्य विभाग को अवगत करा चुका है कि ऑनलाइन कार्य के लिए पर्याप्त मानव संसाधन, तकनीकी सुविधाएं और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान होने तक बहिष्कार जारी रहेगा। उनका दावा है कि 25 अक्टूबर 2025 से कर्मचारी ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों में कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
प्रदेश महासचिव सहदेव आर्य ने कहा कि कर्मचारियों को भय और दबाव में रखकर काम कराने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि विभाग को पहले ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना चाहिए और आवश्यक कंप्यूटर स्टाफ तथा तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए। उनके अनुसार केवल चेतावनी देने से व्यवस्थागत समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य), स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक और मिशन निदेशक एनएचएम से कर्मचारियों के हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों पर कथित दबाव और धमकी भरे पत्राचार नहीं रोके गए तो बढ़ते असंतोष की जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा