हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय एवं सांस्कृतिक गौरव संस्थान के बीच हुआ एमओयू
‘श्री अशोक सिंघल अध्ययन-शोध
पीठ’ की स्थापना का मार्ग
प्रशस्त
हिसार, 08 जून (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
एवं सांस्कृतिक गौरव संस्थान, नई दिल्ली के बीच ‘श्री अशोक सिंघल अध्ययन-शोध पीठ’ की स्थापना के लिए
एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। यह एमओयू भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक
विरासत, सामाजिक समरसता तथा पर्यावरणीय चेतना के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान एवं
अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
एमओयू पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई, सांस्कृतिक गौरव
संस्थान, नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल खन्ना, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय
महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा, कुलसचिव डॉ. विजय कुमार तथा अंतरराष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता
प्रो. ओपी सांगवान ने हस्ताक्षर किए।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने साेमवार काे कहा कि भारतीय
ज्ञान प्रणाली, सांस्कृतिक मूल्यों एवं पर्यावरणीय चेतना को शिक्षा और अनुसंधान के
साथ जोड़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘श्री अशोक सिंघल अध्ययन-शोध
पीठ’ भारतीय ज्ञान परंपरा,
सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, सामाजिक समरसता, संस्कृत एवं वैदिक अध्ययन तथा नीति-आधारित
शोध को नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विद्यार्थियों,
शोधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए नए अवसर सृजित करेगी।
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि यह एमओयू विश्वविद्यालय और समाज के बीच ज्ञान,
संस्कृति एवं मूल्यों के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के
माध्यम से मूल्यपरक शिक्षा और समाजोन्मुखी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा युवा पीढ़ी
भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से अधिक गहराई से जुड़ सकेगी।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओपी सांगवान ने कहा कि भारतीय ज्ञान
प्रणाली की वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को देखते हुए यह सहयोग अंतरराष्ट्रीय
शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा
कि अध्ययन-शोध पीठ भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के वैश्विक प्रसार में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाएगी।
सांस्कृतिक गौरव संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल खन्ना ने कहा कि संस्थान
का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, संस्कारों, सामाजिक समरसता तथा संवैधानिक कर्तव्यों के
प्रति जागरूकता का विस्तार करना है। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने कहा कि राष्ट्र
निर्माण में सांस्कृतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर प्रो. योगेश चाबा, प्रो. विनोद छोकर, डॉ. प्रियंका सहित विश्वविद्यालय
एवं सांस्कृतिक गौरव संस्थान के अनेक पदाधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित
रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर