सोनीपत: निफ्टम व न्यूजीलैंड के मैसी विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

 


-खाद्य प्रौद्योगिकी व अनुसंधान को

मिलेगा वैश्विक विस्तार

सोनीपत, 06 जुलाई (हि.स.)। सोनीपत

में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अधीन कुंडली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी

उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम-कुंडली) ने न्यूजीलैंड के मैसी विश्वविद्यालय

के साथ शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन

(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के माध्यम

से खाद्य प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, नवाचार और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दोनों

संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा।

समझौता

ज्ञापन पर हस्ताक्षर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव एपी दास जोशी, संयुक्त

सचिव देवेश देवल, निफ्टम-कुंडली के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय तथा दोनों संस्थानों

के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए। इस साझेदारी के तहत संयुक्त अनुसंधान

परियोजनाओं का संचालन, तृतीय-पक्ष वित्तपोषण के लिए संयुक्त प्रस्ताव तैयार करना, राष्ट्रीय

एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों और शैक्षणिक बैठकों में भागीदारी, संकाय एवं शोधकर्ताओं

का आदान-प्रदान तथा छात्र गतिशीलता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

दोनों

संस्थानों ने सहयोगात्मक गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए समर्पित समन्वयकों की

नियुक्ति करने पर भी सहमति जताई है, जो विभिन्न शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रमों के

क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह एमओयू

प्रारंभिक रूप से पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। दोनों पक्षों की आपसी सहमति से इसे

अगले पांच वर्षों के लिए भी बढ़ाया जा सकेगा। समझौते में दोनों संस्थानों के बौद्धिक

संपदा अधिकारों की सुरक्षा का भी विशेष प्रावधान किया गया है तथा इसे भविष्य में व्यापक

शैक्षणिक साझेदारी के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है। इस सहयोग से खाद्य प्रौद्योगिकी

और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही छात्रों, शोधकर्ताओं

और संकाय सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन, अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान

के नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे भारत और न्यूजीलैंड के बीच शैक्षणिक सहयोग को भी नई

मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना