हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय का ईयूईआईसी के साथ शैक्षणिक सहयोग को एमओयू
विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा एवं अवसर
उपलब्ध कराना : प्रो. नरसी राम
हिसार, 11 जुलाई (हि.स.)। यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण
कदम उठाते हुए यूरोपियन यूनियन एंगेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर (ईयूईआईसी), मोहाली
के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू का उद्देश्य
विश्वविद्यालय और यूरोप के शैक्षणिक संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग, संस्थागत साझेदारी,
छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान, कौशल विकास, शोध, नवाचार तथा वैश्विक सहभागिता को बढ़ावा
देना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा,
प्रशिक्षण तथा शोध के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
एमओयू पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई तथा ईयूईआईसी
की ओर से संस्थापक एवं चेयरमैन जसमीत सैनी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर ईयूईआईसी के
प्रेसिडेंट एवं सीओओ मनोज चैहान, गुजविप्रौवि के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार, डीन इंटरनेशनल
अफेयर्स प्रो. ओम प्रकाश सांगवान, प्रो. योगेश चाबा तथा प्रो. विनोद छोक्कर सहित दोनों
संस्थानों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शनिवार काे कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य
विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा एवं अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि
यह एमओयू विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए यूरोप के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के
साथ शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त शोध, कौशल विकास, छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान तथा अंतरराष्ट्रीय
प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नए द्वार खोलेगा।
कुलसचिव डा. विजय कुमार ने बताया कि यह साझेदारी विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा
शोधकर्ताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी और विश्वविद्यालय
की वैश्विक पहचान को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।
ईयूईआईसी के संस्थापक एवं चेयरमैन जसमीत सैनी ने कहा कि ईयूईआईसी भारत
और यूरोपीय देशों के बीच शिक्षा, कौशल विकास तथा संस्थागत सहयोग को मजबूत बनाने के
लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि गुजविप्रौवि के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों
को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने, वैश्विक स्तर की शिक्षा एवं कौशल उपलब्ध कराने तथा
उन्हें विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर