हरियाणा के एक लाख घरों में मिला मच्छराें का लारवा
53 हजार से ज्यादा को जारी किया नोटिस
एक महीने में दोगुने से अधिक हुए डेंगू के मामले
चंडीगढ़, 26 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा में करीब 1.12 लाख घरों में मच्छरों का लारवा मिला है। यानी खतरा सिर्फ सडक़ों, नालियों और गंदगी वाले सार्वजनिक स्थलों तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के घरों के भीतर भी मौजूद है। हालात ऐसे हैं कि मच्छरों का लारवा मिलने पर 53,051 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
पिछले करीब एक महीने में मरीजों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो चुकी है। यह आंकड़ा इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए सबसे जरूरी कदम घरों और आसपास जमा पानी को हटाना है। इसके बावजूद लाखों लोगों को प्रभावित कर सकने वाली इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में घरेलू स्तर पर लापरवाही बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। इस साल प्रदेश में डेंगू के 774 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक करीब 1.12 लाख घरों में मच्छरों का लारवा मिला है। लारवा मिलने का मतलब है कि मच्छरों को पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल रही हैं। घरों में रखे कूलर, पानी की टंकियां, गमले, छतों पर पड़े पुराने बर्तन और दूसरे ऐसे स्थान, जहां पानी कई दिनों तक जमा रहता है, मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकते हैं।
प्रदेश में मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने के लिए 'नगरपालिका उप-नियम (वीबीडी पर नियंत्रण)-2010' लागू हैं। अब तक जारी 53,051 नोटिसों में से 51,729 नोटिस स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं, जबकि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से 1,322 नोटिस जारी किए गए हैं। आंकड़ों में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का हिस्सा कहीं अधिक है।
डेंगू के मामले बढऩे के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ रही है। इस साल अब तक 774 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। पिछले करीब एक महीने में मामलों में दोगुने से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। जिलेवार उपलब्ध आंकड़ों में गुरुग्राम में 96 मामले बताए गए हैं। सोनीपत में 68, फरीदाबाद में 65 और झज्जर में 62 मामले सामने आए हैं। मूल आंकड़ों में गुरुग्राम के लिए 75 मामलों का एक अन्य उल्लेख भी है, इसलिए जिलेवार संख्या की अंतिम पुष्टि जरूरी है।
2021 में 11 हजार से ज्यादा मामले, 2015 में 18 मौतें
डेंगू के पुराने आंकड़े बताते हैं कि बीमारी का प्रकोप बढऩे पर हालात गंभीर हो सकते हैं। वर्ष 2015 में हरियाणा में 9,921 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2021 में यह संख्या बढक़र करीब 11,837 हो गई। वर्ष 2022 में 8,996 और 2023 में 8,081 मामले सामने आए। वर्ष 2018 में 1,936 और 2020 में 1,377 पुष्ट मामले दर्ज किए गए थे। मौतों का रिकॉर्ड भी चिंता बढ़ाता है। वर्ष 2015 से 2025 के बीच डेंगू से कुल 51 मौतें होने की जानकारी दी गई है। वर्ष 2015 में 18, वर्ष 2022 में 13, वर्ष 2023 में 11 और वर्ष 2024 में नौ मरीजों की मौत दर्ज की गई। इसके उलट, 2016 से 2020 के बीच डेंगू से किसी मौत का मामला सामने नहीं आया था। इस साल अब तक मौत दर्ज नहीं होना राहत की बात है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा