हिसार : गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना के सहयोग से अग्रोहा में टीबी की आधुनिक मॉलिक्यूलर लैब स्थापित

 


हिसार, 20 मार्च (हि.स.)। क्षयरोग (टीबी) की

त्वरित एवं सटीक पहचान सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक

सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज,

अग्रोहा में अत्याधुनिक क्षयरोग आणविक प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया। प्रयोगशाला

का लोकार्पण मुख्य अतिथि राजेश वीरराघवन, पूर्व सांसद जनरल डीपी वत्स, नरेन्द्र कुमार,

सत्यजीत रथ ने महाविद्यालय के कोषाध्यक्ष मनमोहन गोयल, सचिव आरसी गुप्ता, निदेशक डॉ.

अलका छाबड़ा, प्रशासनिक निदेशक डॉ. आशुतोष शर्मा की उपस्थिति में किया। यह प्रयोगशाला

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड

द्वारा स्थापित की गई है, जिसे गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना के सहयोग से साकार

किया गया है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रयोगशाला

को राष्ट्र को समर्पित करते हुए मुख्य अतिथि एनपीसीआईएल के तकनीकी निदेशक राजेश वीरराघवन

ने शुक्रवार काे कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में रोगों की समयबद्ध एवं वैज्ञानिक पहचान अत्यंत

आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्षयरोग जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के

लिए उन्नत तकनीक से युक्त प्रयोगशालाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस प्रयोगशाला

के प्रारंभ होने से क्षेत्र के रोगियों को त्वरित तथा विश्वसनीय जांच सुविधा उपलब्ध

हो सकेगी।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित

नरेंद्र कुमार मिथरवाल, निदेशक (परियोजनाएं), एनपीसीआईएल ने कहा कि संस्था अपने कॉर्पोरेट

सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत समाज के विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर स्वास्थ्य एवं

शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर योगदान दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह

प्रयोगशाला न केवल हिसार बल्कि आसपास के जिलों के नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी

सिद्ध होगी।

कार्यक्रम में सत्यजीत रथ, परियोजना निदेशक,

जीएचएवीपी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि समाज के स्वास्थ्य और जनकल्याण

से जुड़े कार्यों में योगदान देना एनपीसीआईएल की सामाजिक प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण

अंग है तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

इस अवसर पर पूर्व सांसद जनरल डीपी वत्स ने कहा

कि यह प्रयोगशाला भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को पाने की दिशा में अहम

कदम है। ऐसी आधुनिक एवं अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने

में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का आह्वान

किया कि वे इस सुविधा का अधिकतम उपयोग करते हुए समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान

करें। कार्यक्रम में डॉ. विनोद गोयल, डॉ. भारती अरोड़ा,

डॉ. हरेंद्र, डॉ. सोनू पिलानिया, डॉ. प्रोमिला पांडे, डॉ. निधि, महाविद्यालय के चिकित्सकगण,

शोधकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

फोटो : लैब का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर