हिसार : लोहारी राघो में फिर मनरेगा घोटाला, फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर मेट को हटाया

 

विभाग की प्राथमिक जांच में सामने आई मजदूरों

व मिस्त्रियों की फर्जी हाजरी

हिसार, 07 मार्च (हि.स.)। नारनौंद क्षेत्र के

गांव लोहारी राघो में मनरेगा घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस वर्ष 24 जनवरी

से 8 फरवरी तक किए गए मनरेगा कार्य में दूसरे गांव माजरा के मजदूरों व मिस्त्रियों

की फर्जी हाजिरी लगाने के मामले में पंचायत विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है। प्राथमिक जांच

में मजूदरों की उपस्थिति में भारी गड़बड़ी पाए जाने के बाद मेट संदीप कांत को तीन माह

के लिए हटा दिया गया है। साथ ही गांव में मनरेगा काम पर भी ब्रेक लगा दिया गया है।

एबीपीओ नरेंद्र घोड़ेला ने शनिवार काे बताया कि प्राथमिक

जांच में मेट पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। शिकायतकर्ताओं ने जो साक्ष्य उपलब्ध करवाए

थे, उनके आधार पर साईट पर काम के दौरान मिस्त्री-मजदूरों की हाजिरी में कई गड़बड़ियां

व फर्जीवाड़ा पाया गया। हालांकि समय पर मामला पकड़ में आने के चलते गलतियों को दुरुस्त

कर लिया गया। जिन मजदूरों की भी फर्जी हाजिरी लगाई गई है, उसकी पेमेंट विभाग नहीं करेगा,

मेट को स्वंय अपनी जेब से उसकी भरपाई करनी होगी। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने

पर मेट को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। मेट को पूरी तरह से निलंबित करने का अधिकार

ग्राम सभा का है जो आगामी बैठक में उक्त मेट के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर सकती है।

जानें क्या है पूरा मामला

इस वर्ष 24 जनवरी से 8 फरवरी तक गांव में मनरेगा

के तहत कार्य करवाया गया। आरोप है कि इस कार्य में मेट संदीप ने गांव लोहारी राघो के

मजदूर व मिस्त्रियों को छोड़कर माजरा गांव के मजदूर व मिस्त्रियों को काम पर लगाया।

आरोप है कि इस काम में गांव के जिन मजदूर-मिस्त्रीयों की हाजिरी लगाई जा रही थी, वह

पूरी तरह से फर्जी थी क्योंकि कई मजदूर सुबह साइट पर हाजिरी लगाकर दिन में अपने काम

पर चले जाते थे या गांव में ताश खेलते थे। कई दिनों में तो हाजिरी 6 मजदूरों की लगाई

गई जबकि सुबह की हाजिरी के वक्त फोटो में 5 मजदूर तो शाम के वक्त फोटो में 4 मजदूर

ही दिखाए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर