हरियाणा सरकार का श्रमिकों को तोहफा, न्यूनतम वेतन में 35 फीसदी बढ़ोतरी
चंडीगढ़, 08 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने लाखों श्रमिकों की मांग को पूरा करते हुए उन्हें दिए जाने वाले न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में भारी वृद्धि की है। बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। यह वेतन वृद्धि 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने बैठक के बाद बताया कि चार नई श्रम संहिताएं लागू होने के उपरांत श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की दरों में भारी वृद्धि की है। इस निर्णय से राज्य के लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि अब अकुशल (अनस्किल्ड) श्रमिक का वेतन 11274.60 रुपये से बढक़र 15220 रुपये होगा, जिसके तहत लगभग 3945.40 रुपये की बढ़ोतरी होगी और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इसी प्रकार, अर्द्ध-कुशल (सेमी-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 12430.18 रुपये से बढक़र 16780.74 रुपये होगा, जिसके अंतर्गत इस श्रेणी के श्रमिकों का 4350.56 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी।
विज ने बताया कि कुशल (स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 13704.31 रुपये से बढक़र 18500.81 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का वेतन 4796.50 रुपये बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इस तरह, उच्च कुशल (हाई-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 14389.52 रुपये से बढक़र 19425.85 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का 5036.33 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी भी लगभग 35 प्रतिशत होगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय श्रमिकों के कल्याण के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा