सोनीपत: ओबीसी हक हुंकार अभियान के तहत कांग्रेसियाें ने किया प्रदर्शन

 


सोनीपत, 21 सितंबर (हि.स.)। जातीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का स्पष्ट प्रावधान करने की मांग को लेकर

कांग्रेस ने सोमवार को ओबीसी हक हुंकार अभियान के तहत प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं

और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचकर जिला उपायुक्त

के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन में सोनीपत के सांसद सतपाल

ब्रह्मचारी, प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन एवं विधायक चंद्रप्रकाश, ग्रामीण

प्रधान संजीव कुमार दहिया, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, पूर्व विधायक पदम् सिंह दहिया

और राई से जयभगवान अंतिल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सांसद

सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम होना चाहिए। उन्होंने कहा

कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं ने जातीय जनगणना की मांग उठाई

थी। अब कांग्रेस इसी मांग को लेकर ओबीसी हक हुंकार अभियान चला रही है। विधायक

चंद्रप्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार जातीय जनगणना को लेकर स्पष्टता नहीं दे रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम का प्रावधान नहीं किया गया

है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर सामाजिक न्याय और समान भागीदारी

के लिए 100 दिवसीय ओबीसी हक हुंकार अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने

बताया कि अभियान के तहत जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट श्रेणी, प्रत्येक जाति के लिए अलग

वैज्ञानिक कोड, राज्यवार मानकीकृत जाति सूची और विकल्प आधारित सूची की व्यवस्था करने

की मांग की जा रही है। चंद्रप्रकाश ने कहा कि जातीय जनगणना को पारदर्शी बनाने के लिए

उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने

कहा कि अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन, रैली और जागरूकता कार्यक्रम

आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना था कि जातीय जनगणना से आबादी के वास्तविक आंकड़े सामने

आएंगे और उसी आधार पर पिछड़े वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।

इस दौरान सुरेंद्र शर्मा, हरेंद्र, संदीप, सुरेंद्र बैरागी, भलेराम जांगड़ा, जितेंद्र

जांगड़ा, देवेंद्र, जयवीर, कलावती पांचाल, कुलदीप देशवाल, प्रदीप गौतम, बिजेंदर मलिक

और देवेंद्र महला सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना