गुरुग्राम में खुलेगी मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी

 

-मंत्रिमंडल की बैठक मेंं प्रस्ताव पर लगी मोहर

चंडीगढ़, 13 अगस्त (हि.स.)। गुरुग्राम में एक और निजी विश्वविद्यालय का रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा कैबिनेट ने मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए विधानसभा में संशोधन विधेयक लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट-2006 में संशोधन किया जाएगा। विश्वविद्यालय की स्थापना शांति फाउंडेशन ट्रस्ट, गुरुग्राम की ओर से की जाएगी।

खास बात यह है कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिए करीब 5.14 एकड़ जमीन उपलब्ध है और वहां 1.07 लाख वर्गफुट से अधिक निर्मित भवन पहले से तैयार है। यानी विश्वविद्यालय के लिए बुनियादी ढांचा खड़ा करने का बड़ा हिस्सा पहले ही मौजूद है।

प्रस्ताव के अनुसार, ट्रस्ट के पास विश्वविद्यालय के लिए जमीन 30 साल की लीज पर है। साइट पर बने भवन में करीब 96,600 वर्गफुट शैक्षणिक क्षेत्र, 5,400 वर्गफुट प्रशासनिक क्षेत्र और 5,000 वर्गफुट अन्य सुविधाओं के लिए जगह है। इसका मतलब है कि विश्वविद्यालय के लिए केवल जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा रही, बल्कि तैयार भवन और शैक्षणिक ढांचे का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

निजी विश्वविद्यालय कानून के तहत गठित अकादमिक और वित्त समिति ने प्रस्ताव को जांचा। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के चेयरपर्सन की अध्यक्षता वाली समिति ने भी निर्धारित शर्तों के साथ लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने की सिफारिश की थी। ट्रस्ट की ओर से शर्तों की अनुपालना रिपोर्ट भी जमा कराई गई, जिसका सत्यापन किया गया। गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में नया विश्वविद्यालय खुलने से उच्च शिक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक और विकल्प उपलब्ध होगा। अब अगला कदम विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश करना है। इसके पारित होने के बाद ही मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी को औपचारिक रूप से स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा