हिसार : अंतिम सेमेस्टर इंटर्नशिप की व्यवस्था: विद्यार्थियों को अधिक रोजगार-योग्य और उद्योग-तैयार बनाना

 


हिसार, 10 अप्रैल (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान

एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के सौजन्य से 290 छात्र-छात्राओं

ने शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के दौरान अंतिम सेमेस्टर की इंटर्नशिप के लिए कदम बढ़ाया

है। इनमें बीटेक कार्यक्रमों के 231 विद्यार्थी तथा एमबीए व एमकाॅम कार्यक्रमों के

59 विद्यार्थी शामिल हैं। गुजविप्रौवि की इस प्रगतिशील पहल के तहत, बीटेक (सभी शाखाओं),

एमसीए, एमबीए और एमकाॅम कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को अपना पूरा अंतिम सेमेस्टर

कॉर्पोरेट जगत में काम करते हुए बिताने की अनुमति दी जाती है।इंटर्नशिप के अंत में,

विद्यार्थियों का प्रोजेक्ट मूल्यांकन और वाइवा (मौखिक परीक्षा) होता है, जिससे उनकी

अकादमिक दक्षता और व्यवहारिक अनुभव-दोनों सुनिश्चित होते हैं।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शुक्रवार काे विद्यार्थियों

को बधाई दी और इस बात पर जोर दिया कि ऐसी पहल विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल और

उद्योग का अनुभव प्रदान करके, उन्हें वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करने

में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने भी विद्यार्थियों को

बधाई दी और इन अवसरों को सुलभ बनाने में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के प्रयासों की

सराहना की।

डीन एफईटी प्रो. एचसी गर्ग ने इस बात पर जोर

दिया कि यह पहल विद्यार्थियों को अकादमिक और उद्योग जगत की जरूरतों के बीच के अंतर

को पाटने में मदद करती है, जिससे उनके तकनीकी कौशल और रोजगार पाने की क्षमता में काफी

सुधार होता है। उन्होंने बताया कि हर विद्यार्थी को एक इंडस्ट्री मेंटर और एक फैकल्टी

मेंटर दिया जाता है, जिससे इंटर्नशिप के पूरे समय के दौरान उन्हें लगातार मदद, मार्गदर्शन

और मूल्यांकन मिलता रहता है। यह दोहरे-मेंटरशिप का मॉडल विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल

अनुभव पाने, पेशेवर क्षमताएं विकसित करने और असल दुनिया के प्रोजेक्ट्स पर काम करने

में मदद करता है।

हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक प्रो. संजीव

कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रबंधन के विद्यार्थियों को उनके अंतिम सेमेस्टर में

ही प्रैक्टिकल अनुभव देकर उन्हें उद्योग के लिए सक्षम बनाने में अत्यंत मददगार साबित

हुआ है।

प्लेसमेंट निदेशक डॉ. प्रताप सिंह ने पिछले कुछ

वर्षों में भागीदारी में हुई लगातार वृद्धि को रेखांकित किया। विद्यार्थियों की संख्या

शैक्षणिक सत्र 2019-2020 में 30 से बढ़कर 2020-2021 में 49, 2021-2022 में 93,

2022-2023 में 181, 2023-2024 में 212, 2024-2025 में 214 और अंततः 2025-2026 में

290 तक पहुंच गई है। ये आंकड़े इस अंतिम सेमेस्टर इंटर्नशिप पहल की बढ़ती लोकप्रियता

और सफलता को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि केवल वही विद्यार्थी इस व्यवस्था के लिए

पात्र हैं, जिन्हें कम से कम ₹10,000 प्रति माह के वजीफे के साथ इंटर्नशिप

का प्रस्ताव मिला हो। यह शर्त गुणवत्तापूर्ण उद्योग अनुभव सुनिश्चित करती है।

ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के सहायक निदेशक

डॉ. आदित्य वीर सिंह ने बताया कि इन विद्यार्थियों को आईटी और सॉफ्टवेयर, कोर इंजीनियरिंग,

मैन्युफैक्चरिंग, एफएमसीजी और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों की जानी-मानी कंपनियों में

पूरे सेमेस्टर की इंटर्नशिप मिली है। उन्होंने बताया कि छात्र एक्सेंचर, विप्रो लिमिटेड,

एचसीएल टेक्नोलॉजीज, नागेरो, प्राइस वाटर हाउस

कूपर्स, आईएसजीईसी हैवी इंजीनियरिंग लिमिटेड, यूफ्लेक्स लिमिटेड, विवो मोबाइल इंडिया

प्राइवेट लिमिटेड और ब्लिंकिट जैसी निजी कंपनियों में गए हैं, साथ ही सीएसआईआर एंड

सीईईआरआई, पीडब्ल्यूडी आर एंड बी डिपार्टमेंट, एनआईईएलआईटी, सीएसआईआर एंड सीएसआईओ और

डीआरडीओ जैसे सरकारी संस्थानों में भी गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर