सोनीपत: भारतीय संस्कृति के प्रकाश स्तम्भ थे महर्षि कश्यप : डॉ अरविंद शर्मा
सोनीपत, 24 मई (हि.स.)। सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने
कहा कि महर्षि कश्यप भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रकाश स्तंभ थे। उन्होंने
ज्ञान, तप और शोध के माध्यम से मानव सभ्यता को नई दिशा दी। उन्होंने स्मृति ग्रंथ और
कश्यप संहिता जैसे ग्रंथों की रचना कर समाज को मार्ग दिखाया। उनका प्रेरणादायक जीवन
आज भी मानवता का मार्गदर्शन कर रहा है।
रविवार
को पानीपत रोड स्थित कश्यप चौक पर आयोजित कश्यप जयंती कार्यक्रम में डॉ. अरविंद शर्मा
ने महर्षि कश्यप को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि कश्यप समाज का इतिहास
प्राचीन काल से गौरवशाली रहा है। इस समाज ने रामायण काल में निषाद जैसे शक्तिशाली राजा
दिए, जिन्होंने भगवान राम को वनवास के दौरान आश्रय दिया था। आजादी के आंदोलन में भी
समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप को सृष्टि के प्रमुख
ऋषियों में स्थान प्राप्त है। विभिन्न समाजों और वंशों की उत्पत्ति का श्रेय भी उन्हें
दिया जाता है। उन्होंने समाज को ज्ञान, सेवा, तप और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। उनके
विचार आज भी समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
इसके
बाद डॉ. अरविंद शर्मा शिव नगर पहुंचे और उत्तराखंड भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में उन्होंने
भवन निर्माण के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भवन
सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस अवसर पर कुलदीप
कश्यप, बलजीत सिंह मतौरिया, प्रवीण खुराना, हरीश कर्नाटक, पंडित दयालु तिवारी, दिनेश
कांडपाल, श्याम लाल वशिष्ठ, पवन सरपंच, प्रदीप खरब और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना