पानीपत के नौल्था गांव में पिलर आधारित पुल बनाने की मांग को लेकर महापंचायत

 


पानीपत, 02 अगस्त (हि.स.)। पानीपत के गांव नौल्था में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 71-ए पर प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर एक महापंचायत हुई। इसमें ग्रामीणों ने पुल को मिट्टी के बजाय पिलर आधारित बनाने और गलत जगह दिए गए कटों को सुधारने की मांग रखी। नरवान पाना की चौपाल में आयोजित महापंचायत मास्टर ईश्वर सिंह जागलान की अध्यक्षता में हुई, तथा नेतृत्व संत सोमवार नाथ ने किया।

महापंचायत का नेतृत्व करते हुए बाबा सोमवार नाथ ने कहा कि बढ़ती आबादी और आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों को देखते हुए पिलर का पुल अधिक फायदेमंद होगा। उन्होंने बताया कि यहां से जींद, सफीदों, समालखा, गन्नौर, भादड़, जाटल और सुताना जैसे स्थानों के लिए सड़कें निकलती हैं। बाबा सोमवार नाथ ने यह भी बताया कि क्षेत्र में 100 से अधिक बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जहां से बड़े ट्रक और ट्राले गुजरते हैं। मिट्टी का पुल बनने से सर्विस रोड काफी संकरी हो जाएगी, जिससे किसानों को खेतों में आने-जाने में भी परेशानी होगी। इसलिए ग्रामीणों की मांग है कि पुल का निर्माण पिलर से किया जाए। नौल्था डुंगरान के सरपंच पति नीरज कौशिक ने कहा कि मिट्टी का पुल गांव के विकास को बाधित करेगा।

उन्होंने एनएचएआई द्वारा दिए गए कटों को भी गलत बताया, क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण बड़े वाहनों को मुड़ने में काफी दिक्कत होगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कटों को आने-जाने वाली सड़कों के सामने दिया जाए, ताकि किसानों और व्यापारियों को असुविधा न हो। इस अवसर पर सरपंच बलराज जागलान ने बताया कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गांव नौल्था को गोद ले रखा है। ग्राम पंचायत पुल के मुद्दे पर उनसे और हरियाणा के पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार से मिल चुकी है। जिला उपायुक्त के माध्यम से पिलर आधारित पुल निर्माण का आश्वासन मिला है। पंचायत का संचालन मनोज जागलान ने किया, जिसमें 36 बिरादरी के लोगों ने भाग लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा