हिसार: गुजवि ने क्यूएस एशिया रैंकिंग में बनाई जगह, भारत में 192वां स्थान

 


एशिया के 1722 संस्थानों में शामिल हुआ हिसार का विश्वविद्यालय

शोध और पीएचडीधारक शिक्षकों के प्रदर्शन का मिला लाभ

हिसार, 05 नवंबर (हि.स.)। यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक पहचान मजबूत करते हुए क्यूएस

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग-2027 में जगह बनाई है। विश्वविद्यालय को भारत में

192वां और दक्षिण एशिया में 354वां स्थान मिला है, जबकि एशिया की रैंकिंग में इसे

1101-1200 के बीच रखा गया है। इस वर्ष एशिया के 1722 और भारत के 327 शिक्षण संस्थानों

को इस रैंकिंग में शामिल किया गया है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने गुरुवार काे इस उपलब्धि को शिक्षकों, विद्यार्थियों

और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण

शिक्षा, शोध और नवाचार के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। क्यूएस

रैंकिंग में शैक्षणिक प्रतिष्ठा, शोध प्रकाशनों, प्रति शोध पत्र उद्धरण, शिक्षक-विद्यार्थी

अनुपात, पीएचडीधारक शिक्षकों, रोजगारपरकता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग सहित विभिन्न मानकों

पर संस्थानों का मूल्यांकन किया जाता है।

कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय ने इस रैंकिंग में कुल 17.2 अंक हासिल किए

हैं। प्रदर्शन के प्रमुख क्षेत्रों में पीएचडी उपाधिधारक शिक्षकों को 73.4, प्रति शोध

पत्र उद्धरण को 40.6, प्रति शिक्षक शोध पत्र को 37.8 और अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क

को 31.4 अंक मिले हैं। कुल प्राप्त अंकों में शोध पत्रों पर उद्धरण का योगदान 23.3

प्रतिशत, पीएचडीधारक शिक्षकों का 21.1 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क का

18.1 प्रतिशत रहा। इसके अलावा शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात का योगदान 8.2 प्रतिशत और शैक्षणिक

प्रतिष्ठा का 8.1 प्रतिशत रहा।

प्रो. विजय कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय शोध व्यवस्था को और मजबूत करने,

सतत विकास लक्ष्यों को बढ़ावा देने तथा समावेशी और नवाचार आधारित शैक्षणिक वातावरण

तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय

स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करने की प्रेरणा मिलेगी। कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने भी विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और

कर्मचारियों को बधाई दी। वहीं, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के निदेशक

प्रो. कश्मीरी लाल तथा उपनिदेशक डॉ. रमेश कुमार और डॉ. विक्रमजीत सिंह ने इसे विश्वविद्यालय

की सामूहिक मेहनत और शैक्षणिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर