हिसार : किसी भी संस्थान का दिल होते हैं पुस्तकालय : डॉ. विजय कुमार
हिसार, 19 जनवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की ओर से विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन
शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र के सहयोग से लाइब्रेरी ऑटोमेशन और डिजिटाइजेशन (कोहा और डीस्पेस)
पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारत के
चार अलग-अलग राज्यों हिमाचल, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से 65 से ज्यादा प्रतिभागियों
ने भाग लिया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार समापन समारोह के मुख्यातिथि
थे जबकि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के प्रो. बलवान सिंह विशिष्ट अतिथि रहे।
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकालय किसी भी संस्थान
का दिल होता है, क्योंकि इसमें किसी भी विषय का साहित्य होता है। लाइब्रेरी प्रोफेशनल
क्यूरेटर होते हैं। इसके अतिरिक्त अपनी परंपरा, संस्कृति और सिंधु सभ्यता को समझने
के लिए, हमें अपनी पुरानी परंपरा और साहित्य से जुड़ना होगा, जो पुस्तकालयों में उपलब्ध
है। यह टेक्नोलॉजी का समय है, वेब पर बहुत
सारी डिजिटल सामग्री उपलब्ध है। टेक्नोलॉजी का उपयोग करके अंतिम उपयोगकर्ताओं को प्रामाणिक
जानकारी प्रदान करना लाइब्रेरी पेशेवरों का मुख्य कर्तव्य है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. बलवान सिंह ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने पुस्तकालयों के सामने
कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, इसलिए कोई भी इससे भाग नहीं सकता। हर लाइब्रेरी पेशेवर
को बेहतर अस्तित्व के लिए उम्र की परवाह किए बिना टेक्नोलॉजी सीखनी होगी। अन्यथा, समाज
लाइब्रेरी पेशेवरों के अस्तित्व को नहीं पहचानेगा। वर्तमान समय में आधुनिक उपयोगकर्ताओं
की मांग से निपटने के लिए डिजिटलाइजेशन एक बेहतर समाधान है, क्योंकि टेक्नोलॉजी के
आगमन के साथ, पाठकों के सूचना खोजने के व्यवहार में भारी बदलाव आया है।
विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की निदेशिका
एवं विशेष आमंत्रित अतिथि प्रो. सुनीता ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि
आपने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जो कुछ भी सीखा है, आप इसे अपने सिस्टम में लागू
करें ताकि आपके अंतिम उपयोगकर्ताओं को लाभ मिल सके।
विभागाध्यक्ष एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. विनोद कुमार ने बताया
कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर-कोहा और डीस्पेस को कवर करने के
लिए डिजाइन किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर