सोनीपत: विभाजन के कारण लोगों को अपने घर, जमीन छोड़ना पीडा़ का दौर: डा. अग्निहोत्री
सोनीपत, 12 अगस्त (हि.स.)। राई
स्थित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर
बुधवार को व्याख्यान कार्यक्रम में हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी
के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रो. डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री मुख्य वक्ता के रूप में शामिल
हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका
स्वागत किया।
प्रो.
अग्निहोत्री ने वर्ष 1947 में हुए भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उस समय आम
लोगों को झेलनी पड़ी भयावह परिस्थितियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि
विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपने घर, जमीन और आजीविका छोड़कर विस्थापित होना पड़ा।
हिंसा, परिवारों के बिछड़ने और अपनों को खोने की पीड़ा ने उस दौर को भारतीय इतिहास
के सबसे त्रासद अध्यायों में शामिल कर दिया। उन्होंने
कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की त्रासदी को याद करने का अवसर नहीं
है, बल्कि इतिहास से सीख लेने का दिन भी है। इसका उद्देश्य कटुता बढ़ाना नहीं, बल्कि
ऐसी परिस्थितियों को समझकर भविष्य में मानवीय त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकना है। यह
दिवस शांति, मानवता, आपसी सम्मान, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देता
है।
कुलपति
अशोक कुमार ने कहा कि विभाजन का इतिहास देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को
सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है। युवा पीढ़ी को इतिहास समझकर शांति, भाईचारे,
सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने
कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों
को संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।
कार्यक्रम
का मंच संचालन डॉ. संदीप कुमार ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और दिवस की
ऐतिहासिक एवं समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रो. योगेश चंदर, प्रो.
अशोक कुमार, डॉ. जितेंद्र, डॉ. विवेक सहित शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, प्रशिक्षक
और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी ने विभाजन में जान गंवाने वालों तथा
विस्थापन और हिंसा की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को श्रद्धापूर्वक याद किया।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना