पानीपत: रिफाइनरी में अपनी मांगो को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों व सीआईएसएफ में टकराव, लाठीचार्ज
पानीपत, 23 फ़रवरी (हि.स.)। पानीपत रिफाइनरी में अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों व अर्धसैनिक बलों के बीच टकराव हाे गया। मजदूराें ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। मजदूर ओवरटाइम, अधिकारियों के दुर्व्यवहार समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने उनसे शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन करने की बात कही। इसके बाद, मजदूर लाठी-डंडों से लैस होकर आगे बढ़ने लगे। कुछ मजदूरों ने पथराव किया और निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के पास खड़ी कई गाड़ियों को पलट दिया। वहां 10 से ज़्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस भी रिफाइनरी पहुंच गई। पुलिस और सुरक्षा बल मिलकर माहौल को शांत करने की कोशिश की। करीब डेढ़ घंटे बाद मामला शांत हुआ। मजदूर अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। रिफाइनरी के अंदर कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। यहां ठेकेदारों के अंतर्गत लगभग40 हजार मजदूर अलग-अलग साइटों पर काम कर रहे हैं। सोमवार को सभी मजदूरों ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। सोमवार को सुबह मजदूर गेट नंबर चार के पास धरने पर बैठ गए। अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। दोपहर के समय में सुरक्षा बलों व कर्मचारियों और मजदूरों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद मजदूर भड़क गए। वे हाथों में लाठी-डंडे लेकर आगे की तरफ बढ़े और पथराव ओर तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।
डीएसपी सिटी राजबीर ने कहा कि मजदूरों ने कुछ मांगों को लेकर आज सोमवार को हड़ताल का ऐलान किया था। हड़ताल के दौरान यहां माहौल कुछ गरमा गया। मौके पर पुलिस ने कानून व्यवस्था को संभाल लिया है। साथ ही मजदूरों के पदाधिकारियों से बात की गई है। उन्होंने अपनी कुछ मांगें लिखित रूप में दी हैं। अभी माहौल शांतिपूर्वक है। उन्होंने बताया कि मजदूरों द्वारा दिए गए मांग पत्र में कहा है कि जब-जब उनकी सैलरी आती है तो वो बेहिसाब कटौती के साथ मिलती है। पीएफ और एएसआई के नाम पर उनकी सैलरी ज्यादा काटी जाती है। हिसाब मांगने पर उन्हें इस तरह की बात बताई जाती है कि उन्हें समझ न आए, और उनके साथ ठेकेदार और मौके पर सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के अधिकारी ठीक से व्यवहार नहीं करते। वे गेट पास के नाम पर उनके साथ बहुत दुर्व्यहार करते हैं। गाली-गलौज तक कर देते हैं। कई बार विरोध करने पर उन्हें काम से भी निकालने की बात कही जाती है। रिफाइनरी के मुख्य महा प्रबंधक ओम प्रकाश ने बताया कि मजदूर नेता, अधिकारियों व ठेकेदारों के साथ हमारी वार्ता चल रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा