हिसार : टावर लाइनों के कारण बेशकीमती जमीन हो रही कौड़ियों के भाव

 


किसानों ने उठाई हाई टेंशन लाइनों

के विरुद्ध आवाज, सौंपा ज्ञापन

हिसार, 16 मार्च (हि.स.)। जिले के

बालसमंद और आदमपुर क्षेत्र के किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने लघु सचिवालय में उपायुक्त

महेंद्र पाल और एसडीएम ज्योति मित्तल के साथ बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान किसानों

ने खेतों के बीच से गुजर रही पावरग्रिड की हाई टेंशन बिजली टावर लाइनों से होने वाले

नुकसान और भविष्य के खतरों पर कड़ा ऐतराज जताया। किसानों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री

के नाम एक ज्ञापन एसडीएम ज्योति मित्तल को सौंपा।

बैठक का नेतृत्व पगड़ी संभाल जट्टा

किसान संघर्ष समिति हरियाणा के राज्य कमेटी सदस्य व हिसार ब्लॉक-2 सचिव अनिल गोरछी

और बालसमंद किसान सभा के प्रधान एवं पार्षद प्रतिनिधि संदीप धीरणवास ने किया। इसमें

किसानों की पांच प्रमुख मांगे रखी और स्पष्ट किया कि टावर लाइनों के कारण उनकी बेशकीमती

जमीन कौड़ियों के भाव हो रही है। समिति ने साेमवार काे मांग उठाई कि हाई टेंशन लाइन के नीचे काम

करते समय यदि किसी किसान या मजदूर के साथ कोई हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी

सरकार और पावरग्रिड की हो। इसके लिए पुख्ता सुरक्षा गारंटी और विशेष मुआवजे का प्रावधान

किया जाए, टावर और तारों के नीचे आने वाली पूरी जमीन का मुआवजा वर्तमान मार्केट रेट

के हिसाब से दिया जाए। लाइन गुजरने के बाद जमीन की व्यावसायिक कीमत खत्म हो जाती है,

जिसकी भरपाई जरूरी है, जमीन के स्थायी उपयोग के बदले किसानों को वार्षिक भत्ता दिया

जाए, जो प्रतिवर्ष बाजार दर के अनुसार बढ़ता रहे, छोटे किसानों की जमीन के बीचों-बीच

टावर न लगाए जाएं, टावर की स्थिति खेत के किनारे पर रखी जाए ताकि शेष भूमि पर खेती

करना संभव हो सके तथा जमीन के उपयोग पर पाबंदियों के कारण किसानों के सामने पैदा हुए

आजीविका संकट को देखते हुए अतिरिक्त भविष्य मुआवजा प्रदान किया जाए। किसानों ने कहा

कि सरकार और पावरग्रिड कंपनियां विकास के नाम पर किसानों को बर्बाद कर रही हैं। जब

तक हमारी जमीन का सही हक और सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

इस अवसर पर मुख्य रूप से ओमप्रकाश

रावलवास कलां, जय कुमार लांबा रावलवास खुर्द, जयबीर, छोटूराम, कृष्ण किरतान, अमन पचार

सहित बालसमंद, आदमपुर और आसपास के गांवों के भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर