सोनीपत: खेल विश्वविद्यालय में संजय कुंडू ने विद्यार्थियों को सफलता के गुर बताए
सोनीपत, 17 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल
प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों
का सकारात्मक सोच के साथ सामना करने और लक्ष्य के प्रति लगातार मेहनत करते रहने का
संदेश गुरुवार को दिया। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने का माध्यम
नहीं है, बल्कि इससे अनुशासन, धैर्य, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों
में सही निर्णय लेने का गुण भी विकसित होता है।
स्पोर्ट्स
यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा, राई में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता के
विकास के उद्देश्य से प्रेरणादायक व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता
श्री संजय कुंडू ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के अनुभव, संघर्ष और उपलब्धियां
साझा कीं। उन्होंने खेल के प्रति अपने लगाव और जुनून के बारे में भी विस्तार से बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार
सीखते रहना, स्वयं पर विश्वास रखना और प्रयासों में निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। चुनौतियां
हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण और अनुशासन के साथ उनका
सामना किया जा सकता है।
कार्यक्रम
की शुरुआत में विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने मुख्य वक्ता संजय कुंडू का पुष्पगुच्छ
भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अनुभवी और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों के साथ विद्यार्थियों
का संवाद उन्हें जीवन की चुनौतियों को समझने और अपने लक्ष्य तय करने में मदद करता है।
अनुशासन, मेहनत, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और समर्पण सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। कार्यक्रम
में विद्यार्थियों ने श्री संजय कुंडू से सीधे संवाद करते हुए विभिन्न विषयों पर सवाल
पूछे। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के सहजता से जवाब दिए। प्रश्नोत्तर सत्र विद्यार्थियों
के लिए खासा उपयोगी रहा। विश्वविद्यालय की ओर से संजय कुंडू को स्मृति चिह्न भेंट कर
सम्मानित किया गया। समापन पर डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चंद्र ने मुख्य वक्ता,
विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, प्रशिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों
का आभार जताया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारी, प्रशिक्षक
तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना