हरियाणा में जींद से शुरू होगी ‘खेल-पे-चर्चा’

 

-खेल मंत्री जींद विवि में युवाओं से होंगे रूबरू

-राज्य के 23 जिलों में 50 हजार खिलाडिय़ों को जोडऩे का लक्ष्य

चंडीगढ़, 23 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा को देश की खेल शक्ति के रूप में और अधिक मजबूत बनाने तथा प्रदेश के खिलाडिय़ों को खेल विज्ञान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, बेहतर पोषण, मानसिक मजबूती, चोटों से बचाव, स्वच्छ खेल और सरकार की खेल योजनाओं एवं नीतियों की व्यापक जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश के खेल एवं युवा मामले मंत्री गौरव गौतम एक ऐतिहासिक राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ करने जा रहे हैं। ‘खेल-पे-चर्चा: खिलाडिय़ों के संग’ नामक इस अनूठी पहल का औपचारिक आगाज 24 अगस्त को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद से होगा।

इस अवसर पर प्रदेश भर के प्रमुख खिलाड़ी, प्रशिक्षक (कोच), शारीरिक शिक्षा शिक्षक, खेल विशेषज्ञ और खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर एकत्रित होंगे। मंत्री ने बताया कि ‘खेल-पे-चर्चा’ अभियान को चरणबद्ध तरीके से हरियाणा के सभी 23 जिलों में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 1,500 से 2,000 खिलाडिय़ों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस प्रकार पूरे प्रदेश में लगभग 50,000 खिलाडिय़ों तक सीधे पहुंचने की योजना है।

अभियान में विशेष रूप से हरियाणा की स्पोर्ट्स नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उदीयमान खिलाडिय़ों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के ओलंपियन, पैरालंपियन और राज्य खेल संघों के प्रतिनिधि भी इन सत्रों का हिस्सा बनेंगे, ताकि जमीनी स्तर की खेल प्रतिभाओं को सही समय पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिल सके।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान खिलाडिय़ों के लिए व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संतुलित आहार, हाइड्रेशन, रिकवरी, सप्लीमेंट्स का सही उपयोग और सैंपल मील प्लेट के माध्यम से व्यावहारिक पोषण प्रबंधन, वार्म-अप, स्ट्रेंथ, मोबिलिटी, पावर डेवलपमेंट, डायनामिक स्ट्रेचिंग और वैज्ञानिक प्रशिक्षण तकनीकें, प्रतियोगिता का दबाव झेलने, लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास बढ़ाने, ध्यान केंद्रित करने और विजुअलाइजेशन की तकनीकें। चोटों से बचाव, प्राथमिक उपचार, कूल-डाउन, टेपिंग और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया।

इसके अतिरिक्त, 'क्लीन स्पोर्ट्स ' को बढ़ावा देने के लिए नाडा के विशेषज्ञ एंटी-डोपिंग नियमों, प्रतिबंधित पदार्थों और डोप टेस्टिंग प्रक्रिया के प्रति खिलाडिय़ों को जागरूक करेंगे। सत्र को रोचक बनाने के लिए एक इंटरेक्टिव 'स्पोर्ट्स क्विज' भी आयोजित किया जाएगा, ताकि खिलाड़ी डोपिंग से जुड़े नियमों और अपने अधिकारियों को बेहतर तरीके से समझ सकें। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे। युवा खिलाडिय़ों को खेल मंत्री गौरव गौतम और दिग्गज एथलीटों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा, जहां वे अपने करियर और प्रशिक्षण से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा