हिसार : खेदड़ प्लांट की यूनिट ठप, गांव-खेतों की बिजली पर बढ़ा संकट

 


600 मेगावाट की यूनिट में तकनीकी खराबी, चीन से बुलाए गए इंजीनियर

हिसार, 10 सितंबर (हि.स.)। बरवाला क्षेत्र के राजीव गांधी खेदड़ पावर प्लांट

की 600 मेगावाट की एक यूनिट में तकनीकी खराबी आने से कई दिनों से बिजली उत्पादन बंद

है। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा है और गांवों तथा खेतों की लाइनों पर रात

के समय कट लग रहे हैं। यूनिट बंद रहने से बिजली उत्पादन में गिरावट के कारण अन्य स्रोतों

पर निर्भरता भी बढ़ गई है।

प्लांट के चीफ इंजीनियर अशोक महेश्वरी ने गुरुवार को बताया कि खेदड़ प्लांट

में 600-600 मेगावाट की दो यूनिटें हैं। इनमें से एक यूनिट में तकनीकी खामी आने के

कारण उत्पादन बंद हुआ है। उन्होंने बताया कि प्लांट में लगी मशीनरी चीन की है, इसलिए

खराबी दूर करने के लिए चीन से इंजीनियर बुलाए गए हैं। यूनिट को दुरुस्त करने का काम

चल रहा है और कल तक बिजली उत्पादन बहाल करने का प्रयास है। यूनिट की तकनीकी खराबी दूर करने पर करोड़ों रुपये खर्च होने की बात सामने आई

है। प्रबंधन के अनुसार मशीनों में तकनीकी समस्याएं आती रहती हैं और सामान्य तौर पर

प्लांट के इंजीनियर इन्हें दुरुस्त कर लेते हैं, लेकिन इस बार तकनीकी विशेषज्ञता के

लिए चीन से इंजीनियर बुलाने पड़े।

खेदड़ प्लांट से एचवीपीएनएल को बिजली की आपूर्ति की जाती है। हिसार-बरवाला

क्षेत्र में किरोड़ी स्थित 400 केवी बिजलीघर के लिए दो सर्किट हैं। इसके अलावा सिरसा

के नुईयांवाली स्थित 400 केवी बिजलीघर तथा फतेहाबाद के मताना स्थित पावर ग्रिड कॉरपोरेशन

के बिजलीघर को भी यहां से सप्लाई दी जाती है। आसपास के अन्य बिजलीघरों को भी खेदड़

से बिजली मिलती है। ऐसे में एक यूनिट लंबे समय तक बंद रहने से बिजली व्यवस्था पर दबाव

बढ़ना स्वाभाविक है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर