कैथल: सात साल की बच्ची के रेप-मर्डर में दोषी की फांसी उम्रकैद में बदली
50 साल जेल में रहना होगा, 73 लाख रुपये जुर्माना लगाया
कैथल, 12 अगस्त (हि.स.)। कैथल में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दोषी पवन की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है। कोर्ट ने सजा में कड़ी शर्तें लगाई हैं। दोषी को कम से कम 50 साल की वास्तविक सजा पूरी करनी होगी। इसके अलावा उस पर 73 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
यह मामला आठ अक्टूबर 2022 का है। कलायत क्षेत्र के एक गांव में सात साल की बच्ची दोपहर सरकारी स्कूल के पास से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद अगले दिन दोपहर करीब ढाई बजे उसका अधजला शव गांव के खेल स्टेडियम के पास झाड़ियों में मिला था। पुलिस के अनुसार, बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या की गई और पहचान व सबूत मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया गया था।
जांच में सामने आया कि बच्ची आरोपी पवन को पहले से जानती थी और उसके पास खेलने के लिए आती थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी उसे खिलाने के बहाने स्टेडियम की ओर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के शोर मचाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी पेट्रोल लेकर आया और शव को आग लगाने का प्रयास किया।
बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया था। तत्कालीन एसपी मकसूद अहमद ने कई पुलिस टीमों को तलाश में लगाया था। इसी दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिली, जिसमें एक युवक बच्ची को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया। ग्रामीणों को फुटेज दिखाने पर युवक की पहचान गांव के ही निवासी पवन के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और मामले में उसके खिलाफ दुष्कर्म, हत्या, अपहरण तथा सबूत मिटाने सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे