कैथल: कलायत में फैक्ट्री पर छापा, आठ क्विंटल पनीर और पांच हजार लीटर स्किम्ड मिल्क मिला
कैथल, 20 अक्टूबर (हि.स.)। त्याेहारों के सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर कैथल में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया। कलायत अनाज मंडी के पीछे स्थित एक दूध-पनीर फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान करीब आठ क्विंटल पनीर और पांच हजार लीटर स्किम्ड मिल्क मिला। जांच के दौरान पैक किए गए पनीर पर निर्माण तिथि को लेकर भी चौंकाने वाली अनियमितता सामने आई। पनीर में मिलावट की पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
सीआईए कलायत प्रभारी एएसआई मनीष कुमार ने बताया कि एक सूचना मिली थी कि कथायत अनाज मंडी के पीछे स्थित एक दूध-पनीर की फैक्ट्री में मिलावटी पनीर तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर सीआईए कलायत की टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक शर्मा के साथ फैक्ट्री में छापा मारा। मौके पर जांच के दौरान बड़ी मात्रा में पनीर और स्किम्ड मिल्क मिला। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में करीब आठ क्विंटल पनीर पाया गया। इसमें लगभग पांच क्विंटल पनीर पैकेटों में पैक था, जबकि करीब तीन क्विंटल पनीर खुला मिला। इसके अलावा परिसर में लगभग पांच हजार लीटर स्किम्ड मिल्क भी मौजूद था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दूध और पनीर की गुणवत्ता की जांच के लिए तीन सैंपल लिए हैं।
19 अक्टूबर को कार्रवाई, पैकेटों पर 20 अक्टूबर की तारीख
इस मामले में सबसे अहम बात पनीर के पैकेटों पर अंकित निर्माण तिथि रही। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री में कार्रवाई 19 अक्टूबर को की गई थी, जबकि पैक पनीर पर निर्माण तिथि 20 अक्टूबर लिखी मिली। यानी छापेमारी के दिन से एक दिन आगे की तारीख पैकेटों पर दर्ज थी। इस विसंगति को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चीका की डेयरी में घी से मिले पॉलीथिन के टुकड़ेकैथल में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को गुहला रोड स्थित दूध की दो डेयरियों पर छापेमारी की। जांच के दौरान एक डेयरी में रखे घी के ड्रम में पॉलीथिन के टुकड़े मिले। साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर विभाग ने मौके पर ही 15 किलोग्राम घी नष्ट करवा दिया।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान दोनों डेयरियों से पनीर के दो तथा दूध, घी और मिल्क क्रीम के एक-एक सैंपल लिए गए। सभी पांच सैंपलों को सील कर दिया गया है। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। टीम ने डेयरी संचालकों के लाइसेंस की भी जांच की। इस दौरान एक दुकानदार के पास होलसेल का लाइसेंस नहीं मिला, जिस पर उसे नोटिस जारी किया गया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के खाद्य पदार्थ विक्रेताओं में हलचल रही।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे