रिश्वत प्रकरण के बाद नगर परिषद में डीएमसी का औचक निरीक्षण, कर्मचारियों की हाजिरी जांची
कैथल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। नगर परिषद कैथल में 21 अक्टूबर को सामने आए रिश्वत कांड के बाद कार्यालय की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवालों के बीच डीएमसी कपिल कुमार ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नगर परिषद की विभिन्न शाखाओं में पहुंचकर कर्मचारियों की हाजिरी जांची और ड्यूटी के दौरान गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात कही। निरीक्षण के दौरान कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए गए।नगर परिषद में 21 अक्टूबर को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई में एक संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर संजय कुमार को कथित तौर पर 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। यह रकम एक ठेकेदार से वर्क ऑर्डर जारी करवाने के बदले मांगे जाने का आरोप था। मामले में नगर परिषद के एक म्यूनिसिपल इंजीनियर का नाम भी आरोपों में सामने आया था। इस प्रकरण ने नगर परिषद में कामकाज की पारदर्शिता और अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी थी। हालांकि, मामले में आरोपों और जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है।इसी बीच डीएमसी कपिल कुमार के औचक निरीक्षण को कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने विभिन्न शाखाओं में जाकर हाजिरी की जांच की। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया कि ड्यूटी के दौरान गैरहाजिर पाए जाने वाले कर्मचारियों के मामलों में नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।डीएमसी कपिल कुमार ने कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। नगर परिषद में शहर के लोग विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं, इसलिए जरूरी है कि उनके काम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर पूरे हों। ड्यूटी के प्रति लापरवाही या बिना अनुमति गैरहाजिरी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रिश्वत मामले के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर लोगों की नजर बनी हुई है। ऐसे में कार्यालय में नियमित निगरानी, कर्मचारियों की उपस्थिति और कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए अहम रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे