कैथल: जैविक आपातकाल से निपटने के लिए मॉक ड्रिल, 14 मरीजों को भेजा क्वारंटाइन में
कैथल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। किसी भी आपातकाल की स्थिति में लोगों की जान बचाने और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को कमेटी चौक स्थित राजकीय ब्वायज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। एनडीआरएफ और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में हुई इस मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों की टीमों ने आपसी तालमेल से जैविक आपदा से प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, उनकी स्वास्थ्य जांच करवाने और जरूरत के अनुसार अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल के दौरान जैविक आपातकाल की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, जिला आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस और रेडक्रॉस की टीमें अलर्ट मोड पर आ गईं। टीमों ने प्रभावित क्षेत्र की मार्किंग कर वहां से पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकाला और मेडिकल पोस्ट पर पहुंचाया। स्वास्थ्य जांच के बाद 14 मरीजों को क्वारंटाइन क्षेत्र में भेजा गया, जबकि आठ मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया। दो मरीजों की हालत गंभीर पाए जाने पर उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। इस पूरी प्रक्रिया में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर कम्युनिकेशन पोस्ट, कमांड पोस्ट, मेडिकल पोस्ट और स्टोर सहित आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित कीं। करीब 30 सदस्यों वाली टीम ने निर्धारित योजना के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। इस दौरान ईआरवी-112, दुर्गा शक्ति, यातायात पुलिस और पुलिस राइडर्स की टीमों ने भी मोर्चा संभाला और आपात स्थिति में जरूरी सहायता उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल में सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनिंग) शिवानी पांचाल, एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट देवेंद्र सिंह, डीएसपी रमेश चंद्र, डीआरओ चंद्र मोहन, डिप्टी डीईओ राजेंद्र आजाद और इंस्पेक्टर यशबीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे