नशे की रोकथाम को प्रदेश के गांवों व शहरों में बनेगी ज्वाइंट टास्क फोर्स:नायब सैनी
मुख्यमंत्री ने ‘सेवा’ विभाग के लिए तैयार किया पांच साल का रोडमैप
चंडीगढ़, 26 जून (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में नशे की रोकथाम के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में ज्वाइंट टास्क फोर्स बनाई जाएंगी जो नशे की बिक्री को रोकने और इसके कारोबार में लगे व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाएंगी। इस टास्क फोर्स को सशक्त बनाया जाएगा।मुख्यमंत्री शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत अगले 5 साल के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने उपस्थितगण को नशे की रोकथाम में सहयोग देने और परिवार, समाज व देश को नशामुक्त करने में सहयोग देने की शपथ भी दिलवाई।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में नशे पर पूर्ण रोक लगाने के लिए इसकी बिक्री के नेटवर्क को तोडऩा आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने ‘सेवा’ विभाग के नेतृत्व में ग्रामीण स्तर पर सरपंच, वार्ड सदस्य, बीडीपीओ, एसएचओ व क्षेत्र में कार्यरत किसी एनजीओ को शामिल करते हुए तथा शहरी क्षेत्र में नगर निकाय के सचिव, वार्ड पार्षद, एचएचओ तथा एनजीओ को शामिल करते हुए ज्वाइंट टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए।
यह टास्क फोर्स ऐसे स्थानों को चिह्नित करेंगी जहां नशे की बिक्री होती हो और सख्ती से नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। नशे के कारोबार में लगे लोगों में इस टास्क फोर्स के प्रति भय होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा पीडि़तों के लिए प्रदेश में और अधिक नशा मुक्ति केंद्र व रिहैबलिटेशन सेंटर खोले जाएंगे। नशा मुक्ति केंद्र में जो व्यक्ति इलाज करवाकर बाहर निकलते हैं उनकी 3 महीने तक विशेष देखरेख की जाए और इनके लिए कौशल ट्रेनिंग तथा रोजगार देने की भी कार्ययोजना तैयार की जाए। नशा पीडि़तों के साथ मैत्री संबंध बनाकर इन्हें फिर से समाज की मुख्य धारा में शामिल करके ही हम आदर्श समाज का निर्माण कर सकते हैं। ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी.अनुपमा ने बताया कि राज्य में 119 नशा मुक्ति केंद्र, 29 रिहैबलीटेशन सेंटर तथा 2 मनोरोग अस्पताल चल रहे हैं। कुरुक्षेत्र में पीपीपी मोड पर 6 एकड़ में एक रिहैबलीटेशन सेंटर शुरू किया जाएगा।
हर जिले में बनेगा सीनियर सिटीजन क्लब
नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए हर जिले में एक सीनियर सिटीजन क्लब बनाने के निर्देश दिए जहां बुजुर्गों के लिए बैठने, आराम करने व गेम सहित साइकोलोजिस्ट व फिजियोथेरेपिस्ट की भी सुविधाएं हों। उन्होंने बुजुर्गों की देखरेख के लिए केयर गिवर्स तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसके प्रथम चरण में प्रदेश में 1000 केयर गिवर्स तैयार किए जाएंगे जिनके लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय व अन्य निजी विश्वविद्यालयों में कोर्स करवाए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा