हिसार : महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरी : अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा
पंचनद शोध संस्थान ने किया ‘भारत में महिलाओं
से संबंधित कानून’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन
हिसार, 11 मई (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
के इंदिरा चक्रवर्ती सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय एवं पंचनद शोध संस्थान (प्रज्ञा
प्रवाह) महिला आयाम द्वारा ‘भारत में महिलाओं से संबंधित कानून’ विषय पर गोष्ठी का
आयोजन किया गया। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद पंचकूला के पूर्व अध्यक्ष एवं पंचनद
शोध संस्थान चंडीगढ़ के अध्यक्ष प्रो.बीके कुठियाला की अध्यक्षता में साेमवार काे आयोजित इस विचार
गोष्ठी में मुख्य वक्ता के तौर पर सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रज्ञा
प्रवाह महिला आयाम प्रमुख मोनिका अरोड़ा, पंचनद की महिला आयाम प्रमुख डॉ. मुदिता वर्मा
व छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मदन खीचड़ मंच पर उपस्थित रहे।
अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा ने भारतीय संस्कृति और
प्राचीन काल में महिलाओं की स्थिति पर विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि हमारी संस्कृति
में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। हम मां दुर्गा को शक्ति, मां सरस्वती को ज्ञान
और मां लक्ष्मी को समृद्धि की देवी के रूप में पूजते हैं। वर्तमान समय में महिलाओं
की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में सुधार करने की
आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि हमारे संविधान में महिलाओं को समाज में सुरक्षा, सम्मान
और समानता प्रदान करने के लिए विभिन्न कानून बनाए गए हैं।
हर महिला का अधिकार-सुरक्षा, समानता और सम्मान
: प्रो. बीके कुठियाला
प्रो. बीके कुठियाला ने अपने संबोधन में कहा
कि नारी केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण में भी उनकी
महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत में नारी को केवल परिवार की सदस्य नहीं बल्कि मां, बहन,
पत्नी और बेटी के रूप में जीवन का आधार माना गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की
प्रगति का वास्तविक मापदंड वहां की महिलाओं की स्थिति से लगाया जा सकता है। भारत में
महिलाओं को प्राचीन काल से सम्मान दिया गया है लेकिन समय के साथ अनेक सामाजिक कुरीतियों
और भेदभाव के कारण महिलाओं को कई कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा। इस अवसर पर पंचनद शोध संस्थान अध्ययन केंद्र
हिसार के अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह, संस्थान के संरक्षक ज्ञानचंद बंसल सहित संस्थान के
पदाधिकारी, महिलाएं, विश्वविद्यालय की महिला शिक्षक, गैर शिक्षक, छात्राएं और गणमान्य
नागरिक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर