सिरसा: एआई के लिए बहुविषयक ज्ञान व विश्लेषण आवश्यक: प्रो. वेरोनिका

 


सिरसा, 20 मार्च (हि.स.)। सिरसा के जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ (जेसीडी) में इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस के मुख्य वक्ता ट्रनावा विश्वविद्यालय, स्लोवाकिया के प्रो. वेरोनिका स्टॉफोवा ने शुक्रवार को कहा कि छात्रों को केवल उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि सूचना का विश्लेषक बनना चाहिए। प्रो. स्टॉफोवा ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में हो रहे निरंतर विकास को देखते हुए, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विकास के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न विषयों की विशेषज्ञता को एकीकृत करके, यह दृष्टिकोण न केवल एआई की समझ को गहरा करता है, बल्कि नवाचार को भी गति प्रदान करता है। विविध दृष्टिकोणों का समावेश रचनात्मक प्रक्रिया को समृद्ध करता है, जिससे ऐसी उपलब्धियां प्राप्त होती हैं जो किसी एक विषय की सीमाओं के भीतर संभव नहीं हो सकतीं। इसके अलावा, एआई द्वारा उत्पन्न जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए यह सहयोगात्मक तालमेल अत्यंत आवश्यक है, जिन्हें पूरी तरह से समझने और प्रभावी ढंग से हल करने के लिए अक्कसर कई क्षेत्रों की अंतरदृष्टि की आवश्यकता होती है। उन्होंनें चैट जीपीटी द्वारा एआई का उपयोग पर चर्चा की। उन्होंने शैक्षिक प्रक्रियाओं में सही और पारदर्शी शब्दावली के उपयोग की अनिवार्यता पर जोर दिया है, ताकि तकनीकी शिक्षा को बेहतर ढंग से समझा जा सके। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि स्कूलों में केवल तकनीक (हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर) चलाना सिखाया जा रहा है, न कि सूचना विज्ञान।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बहुविषयक दृष्टिकोण की जांच का महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। अनुसंधान, नवाचार और अनुप्रयोग पर इसका परिवर्तनकारी प्रभाव पारंपरिक सीमाओं से कहीं अधिक व्यापक है। जैसे-जैसे एआई स्वास्थ्य सेवा, गणित, कला और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों में एकीकृत हो रहा है, अंत:विषयक दृष्टिकोण जटिल, वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की इसकी क्षमता को बढ़ाता है। सम्मेलन को प्रो. अरबिंद कुमार झा, प्रो. निवेदिता, प्रो. राजकुमार, डॉ. ईश्वर मलिक, डॉ. मीना कुमारी, प्रोफेसर रणजीत कौर ने संबोधित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma